पंजाब में चुनावी माहौल: छात्रों और युवाओं की नाराजगी का असर
पंजाब में चुनावी हलचल
पंजाब में अगले वर्ष उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के साथ विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसके साथ ही गोवा और मणिपुर में भी चुनाव होंगे। इन चुनावों से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन और देशभर में छात्रों व युवाओं की नाराजगी भाजपा के लिए चिंता का विषय बन गई है। पंजाब में पेपर लीक के आरोप भी सामने आ रहे हैं, जिसके चलते भाजपा ने हाल ही में प्रदर्शन कर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरने का प्रयास किया। झारखंड में भी पेपर लीक को लेकर आंदोलन चल रहा है, जिससे वहां की सरकार दबाव में है।
पंजाब का मामला इस संदर्भ में काफी दिलचस्प हो गया है। चुनाव से छह महीने पहले राज्य में प्रदर्शनों की बाढ़ आ गई है। छात्र संगठनों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं, और विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने हड़ताल और प्रदर्शन की घोषणा की है। मजदूर संगठन भी प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं, जबकि किसानों का भी आंदोलन जारी है। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस मिलकर सरकार को अस्थिर करने और माहौल को खराब करने के लिए इस तरह के कदम उठा रहे हैं। आप के नेता हर प्रदर्शन को प्रायोजित बताते हैं, जैसे कि दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन को भाजपा के नेता आप द्वारा प्रायोजित कह रहे थे।
