पंजाब रोडवेज हड़ताल: अगस्त में 2200 बसें रहेंगी बंद, यात्रियों को होगी कठिनाई
बसों का संचालन होगा प्रभावित
पंजाब रोडवेज हड़ताल, चंडीगढ़: अगस्त की शुरुआत के साथ ही पंजाब के यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसका कारण है पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन द्वारा तीन से पांच अगस्त तक की जाने वाली हड़ताल। इन यूनियनों ने बताया है कि उनकी मांगें पूरी न होने के कारण सात हजार से अधिक अनुबंधित रोडवेज कर्मचारी काम नहीं करेंगे। यदि यह हड़ताल होती है, तो तीन अगस्त से पंजाब की सड़कों पर 2200 बसें नहीं चलेंगी।
हड़ताल का कारण और सरकार पर आरोप
अगर यह हड़ताल तीन दिन तक जारी रहती है, तो यह आम जनता के लिए बड़ी समस्या बन सकती है। यूनियन के नेताओं ने सरकार पर वादे तोड़ने का आरोप लगाते हुए हड़ताल की घोषणा की है। चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यदि सरकार और विभाग ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो 3 से 5 अगस्त तक प्रदेशव्यापी चक्का जाम किया जाएगा।
धरना और भूख हड़ताल की योजना
यूनियन के नेताओं ने यह भी बताया कि इस दौरान उनके सदस्य परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री के आवास के बाहर धरना देंगे और मानसून सत्र के दौरान भूख हड़ताल भी करेंगे। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने और ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने का वादा किया गया था, लेकिन चार साल से अधिक समय और लगभग 70 बैठकों के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
सरकार की अनदेखी पर नाराजगी
उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारी व्यवस्था के कारण कर्मचारियों का शोषण हो रहा है और ईपीएफ तथा ईएसआई के नाम पर अनियमितताएं हो रही हैं। विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रदेश महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों और वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरकेश कुमार विक्की ने आरोप लगाया कि सरकार किलोमीटर स्कीम के माध्यम से परिवहन विभाग का निजीकरण कर रही है।
सरकार की ओर से समय की मांग
यूनियन नेताओं ने बताया कि 24 जून की बैठक में सरकार ने 10 दिन में समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने घोषणा की कि 27 जुलाई को सभी डिपो पर गेट रैलियां होंगी, जबकि 3, 4 और 5 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। प्रधान रेशम सिंह गिल ने कहा कि सरकार ने अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं किया है।
