पंजाब विधानसभा ने मतदाता अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रस्ताव पारित किया
मतदाता अधिकारों की सुरक्षा का प्रस्ताव
पंजाब विधानसभा ने शुक्रवार को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा प्रस्तुत एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया, जिसमें सभी योग्य नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार और अन्य संवैधानिक संस्थाओं से मतदाता सूचियों में मौजूद विसंगतियों की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया गया है। यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की गई है।
सदन में श्री चीमा ने कहा कि किसी भी योग्य नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 324, 325 और 326 का उल्लेख करते हुए कहा कि ये चुनाव प्रक्रिया की निगरानी, मतदाता सूचियों में भेदभाव रोकने और वयस्क मताधिकार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदान का अधिकार गरीबों, मजदूरों, दलितों, अल्पसंख्यकों और समाज के सभी वर्गों को शासन में समान भागीदारी का अवसर प्रदान करता है।
श्री चीमा ने मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और योग्य मतदाताओं के नाम छूटने की शिकायतों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन शिकायतों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और चुनाव प्रक्रिया को जानबूझकर प्रभावित करने के प्रयासों पर कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग के कार्यों की जांच के लिए एक स्वतंत्र, पारदर्शी और विश्वसनीय व्यवस्था बनाने की मांग की। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए निष्पक्षता और जवाबदेही आवश्यक है।
प्रस्ताव में केंद्र सरकार और संबंधित संवैधानिक अधिकारियों से मताधिकार की सुरक्षा, मतदाता सूचियों में विसंगतियों की निष्पक्ष जांच और अनियमितताएं पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करने का आग्रह किया गया है। प्रस्ताव की प्रतियां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को आगे की कार्रवाई के लिए भेजी जाएंगी।
इस प्रस्ताव का समर्थन करने वालों में विधायक इंदरजीत कौर मान, डॉ. ईशांक कुमार, मनप्रीत सिंह अयाली, डॉ. अमनदीप कौर, रुपिंदर सिंह हैप्पी, डॉ. नछत्तर पाल, अमनशेर सिंह शेरी कलसी, प्रो. बलजिंदर कौर, अमोलक सिंह और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा शामिल थे।
