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पवन खेड़ा का चीन पर तीखा हमला: मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मोदी सरकार की चीन नीति पर तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ITBP के DG के बयान के बाद चीन के दुस्साहस को लेकर चिंता जताई। खेड़ा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने चीन के सामने झुकने की नीति अपनाई है, जिससे भारत की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। उन्होंने व्यापार घाटे और चीन के साथ संबंधों पर भी सवाल उठाए। इस मुद्दे पर उनके बयान ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है।
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चीन के प्रति मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल

नई दिल्ली। कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को कहा कि देश में एक 56 इंच का चीनी खिलौना है, जिसकी चाबी कई देशों के पास है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार चीन से संबंधित घटनाओं को छिपाने का प्रयास कर रही है। ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने पुष्टि की है कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के साथ भारतीय सैनिकों की झड़पें लगातार हो रही हैं।

पवन खेड़ा ने कहा कि हम ITBP और अन्य बहादुर सैनिकों को सलाम करते हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी डटे हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब मोदी ने चीन को क्लीन चिट दी है, 2020 में गलवान में 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे, लेकिन तब भी मोदी ने कहा था कि न कोई घुसा है, न कोई घुसा हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि DGs की कॉन्फ्रेंस में यह बताया गया था कि 65 में से 26 पेट्रोलिंग पॉइंट पर अब भारत का नियंत्रण नहीं है। मोदी की क्लीन चिट के कारण ही लद्दाख से अरुणाचल तक चीन का दुस्साहस बढ़ रहा है।

पवन खेड़ा ने कहा कि चीन का सच अब सबके सामने आ रहा है और ITBP के DG भी इस मुद्दे पर खुलकर बोल रहे हैं। लेकिन उनके बयान के बाद तुरंत सूत्रों के हवाले से खबरें चलने लगीं कि ITBP जल्द ही आधिकारिक बयान जारी करेगी। यह दर्शाता है कि मोदी सरकार की स्थिति क्या है। जब प्रधानमंत्री को दुनिया के सामने संदेश देने का मौका मिलता है, तो वह विपक्ष पर आरोप लगाते हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मोदी को किस बात का डर है? चीन के साथ उनकी कई मुलाकातें हुईं, फिर भी उन्होंने लद्दाख और अरुणाचल जैसे संवेदनशील मुद्दों को क्यों नहीं उठाया? उन्होंने कहा कि हम चीन की शर्तों को मानते गए हैं और इसके बदले में हमें कुछ नहीं मिला।

पवन खेड़ा ने बताया कि व्यापार का घाटा 99 बिलियन से बढ़कर 112 बिलियन डॉलर हो गया है। हम लगातार चीन के सामने झुकते जा रहे हैं, यात्रा प्रतिबंधों को हटा दिया गया है और वीजा बढ़ा दिए गए हैं। Press note-3 को भी संशोधित किया गया है, जबकि चीन ने हमें कुछ नहीं दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि 70% टनल बोरिंग मशीन चीन में बनती हैं, और भारत को यह मशीन जर्मनी से खरीदनी थी, लेकिन चीन ने इसे रोक दिया। इसी तरह, दवाइयों का 70 से 80% API चीन में बनता है, और चीन कभी-कभी इस पर रोक लगा देता है। नरेंद्र मोदी चुप्पी साधकर सरेंडर कर जाते हैं, लेकिन इसकी कीमत भारत को चुकानी पड़ती है।