पश्चिम बंगाल उपचुनाव में ममता बनर्जी का समर्थन और कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर विवाद
पश्चिम बंगाल उपचुनाव में घटनाक्रम
पश्चिम बंगाल उपचुनाव: नंदीग्राम विधानसभा के उपचुनाव में शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं। ममता बनर्जी की पार्टी की उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जबकि ममता ने कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। इस बीच, मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने इसे 'राजनीतिक प्रतिशोध और लोकतंत्र की हत्या' करार दिया है।
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मिलन प्रधान की गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बीजेपी निष्पक्ष चुनाव में विश्वास नहीं करती और सत्ता को बचाने के लिए विभिन्न तरीकों का सहारा लेती है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस न तो डरने वाली है और न ही झुकने वाली है, हम लड़ाई जारी रखेंगे और जीतेंगे।
नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध है – लोकतंत्र की हत्या है।
BJP का निष्पक्ष चुनाव में भरोसा ही नहीं – इसलिए कभी वोट चोरी, कभी सरकार चोरी और कभी पार्टी चोरी से सत्ता बचाना चाहती है।
वो चुनाव नहीं लड़ना चाहते,…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 18, 2026
ममता बनर्जी की पार्टी की उम्मीदवार संचिता प्रधान ने शुक्रवार को अपने पति सत्यजीत के साथ राज्य सचिवालय नबन्ना में जाकर सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता ने कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की। लेकिन कुछ समय बाद ही पुलिस ने मिलन प्रधान को एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मिलन प्रधान के खिलाफ चार गिरफ्तारी वारंट जारी हुए हैं।
