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पश्चिम बंगाल की राजनीति में कल्याण बनर्जी का अभिषेक बनर्जी के प्रति नया रुख

पश्चिम बंगाल की राजनीति में हालिया घटनाक्रम ने कल्याण बनर्जी के अभिषेक बनर्जी के प्रति रुख में बदलाव को उजागर किया है। उन्होंने अभिषेक को अपने बेटे के समान बताते हुए उनके प्रति माफी का कर्तव्य स्वीकार किया है। यह बयान राजनीतिक हलचल को और बढ़ा सकता है, खासकर जब टीएमसी के भीतर बगावत की लहर चल रही है। जानें इस बयान के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में कल्याण बनर्जी का अभिषेक बनर्जी के प्रति नया रुख

राजनीतिक हलचल का नया मोड़


कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति में इन दिनों काफी उथल-पुथल मची हुई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई नेता पार्टी के खिलाफ बगावत कर रहे हैं। इसके साथ ही, ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हाल ही में, कल्याण बनर्जी ने अभिषेक के बारे में अपने विचार बदलते हुए एक बयान दिया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। उन्होंने कहा कि अभिषेक उनके बेटे के समान हैं और एक पिता के नाते उन्हें माफ करना उनका कर्तव्य है।


कल्याण बनर्जी ने कहा, 'वह मेरे बेटे जैसा है। पिता का कर्तव्य है कि वह बेटे की सभी गलतियों को माफ कर दे। देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं आई, जहां विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो गया हो। मुख्यमंत्री प्रतिशोध की भावना से ग्रस्त हैं। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।'


हाल ही में, कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोला था और ममता बनर्जी से कहा था कि या तो अभिषेक को पार्टी में रखें या उन्हें। इस बयान के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि कल्याण भी जल्द ही पार्टी बदल सकते हैं। लेकिन आज उन्होंने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।


कुछ समय पहले, फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक ने कल्याण को पैरवी से हटा दिया था, जिससे कल्याण काफी नाराज हो गए थे। उन्होंने इसे अपमान और अनादर बताया। कल्याण ने कहा कि उनके बेटे ने उन्हें फोन करके बताया कि अभिषेक के फर्जी हस्ताक्षर मामले में उन्हें कोर्ट नहीं जाना है और उनकी जगह वकील किशोर दत्ता पक्ष रखेंगे। कल्याण ने कहा, 'अभिषेक को सीनियर्स का सम्मान करना नहीं आता। वह बहुत घमंडी है और कभी भी मुझ पर भरोसा नहीं करता था और न ही करेगा।'