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पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का नया मोड़

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी ने कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन देकर राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। शुभेंदु अधिकारी की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनकी पारंपरिक सीट पर यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। ममता की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने चुनावी दौड़ से हटने के बाद कांग्रेस को समर्थन दिया, जिसके चलते कांग्रेस का आरोप है कि सरकार हार के डर से कार्रवाई कर रही है। जानें इस चुनावी संग्राम की पूरी कहानी।
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नंदीग्राम उपचुनाव की स्थिति


कोलकाता में, नंदीग्राम सीट के उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की चिंता बढ़ गई है। नामांकन की अंतिम तिथि के बाद, शुभेंदु ने ममता बनर्जी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे से मुलाकात की, जिसके बाद वह चुनावी दौड़ से हट गईं। ममता ने इसके तुरंत बाद कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद मिलन प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने प्रदेश में हलचल मचा दी है, और कांग्रेस का आरोप है कि सरकार हार के डर से ऐसा कर रही है।


नंदीग्राम शुभेंदु अधिकारी का गढ़ है, जहां उन्होंने 2021 में ममता बनर्जी को हराया था। हालाँकि, 2026 का उपचुनाव अब एक बड़ा संघर्ष बन गया है। 2021 में शुभेंदु ने केवल 1900 वोटों से जीत हासिल की थी, जबकि 2026 में यह अंतर 10,000 वोटों तक पहुँच गया। हाल ही में आए नतीजों में ममता की पार्टी को 1,17,000 वोट मिले थे, जिसमें भाजपा और तृणमूल के बीच केवल चार प्रतिशत का अंतर था।


शुभेंदु अधिकारी के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल है। उन्हें पता है कि रेजीनगर उपचुनाव में जीतना कठिन होगा, क्योंकि वहां मुस्लिम आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है। इसलिए, नंदीग्राम में जीत उनके लिए आवश्यक है। नामांकन की अंतिम तिथि के बाद, ममता की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता ने कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की, जिसके चलते पुलिस ने उन्हें एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार कर लिया।


नंदीग्राम में मतदान 6 अक्टूबर को होगा। नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है और शनिवार को नाम वापस लेने का अंतिम दिन है। ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे नंदीग्राम सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन देंगी। ममता ने रेजीनगर सीट से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को मैदान में उतारा है।


यह ध्यान देने योग्य है कि 2007 में नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को 2011 में सत्ता में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उस समय शुभेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस के एक प्रमुख सदस्य थे। इस बार, तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी के पूर्व पीए चंद्रनाथ रथ की मां को प्रत्याशी बनाया है। उल्लेखनीय है कि चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद चंद्रनाथ रथ को कोलकाता में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।