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पश्चिम बंगाल में TMC के सांसदों में बगावत, NDA का समर्थन करने की तैयारी

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 22 सांसदों ने बगावत की है और NDA का समर्थन करने की योजना बनाई है। काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में ये सांसद सोमवार को लोकसभा स्पीकर से मिलकर एक अलग संसदीय गुट के रूप में मान्यता की मांग करेंगे। इस घटनाक्रम से बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। जानें इस बगावत के पीछे की कहानी और इसके संभावित परिणाम।
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पश्चिम बंगाल में TMC के सांसदों में बगावत, NDA का समर्थन करने की तैयारी

पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उथल-पुथल की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ममता बनर्जी की पार्टी अब तक के सबसे बड़े विभाजन की कगार पर है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के 20 से अधिक सांसद बगावत पर उतर आए हैं और वे न केवल एक अलग गुट बनाने की योजना बना रहे हैं, बल्कि केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने के लिए भी तैयार हैं। ये बागी सांसद सोमवार को दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करने वाले हैं, जिसके बाद बंगाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव आ सकता है।


स्पीकर से अलग संसदीय गुट की मांग


इस बगावत का नेतृत्व TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं। कोलकाता एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि उनके साथ कुल 22 सांसद हैं। उनका कहना है कि वे सोमवार को लोकसभा स्पीकर से मिलकर एक अलग संसदीय ब्लॉक के रूप में मान्यता की मांग करेंगे। हाल ही में एक दस्तावेज भी सामने आया था, जिस पर 19 TMC सांसदों के हस्ताक्षर थे। इसके अलावा रचना बनर्जी और सायनी घोष के भी हस्ताक्षर होने की बात कही गई है। हालांकि, बागी गुट में शामिल दो नए सांसदों के नाम अभी तक सामने नहीं आए हैं।


बगावत के मोर्चे पर दिग्गज सांसद


काकोली घोष दस्तीदार के अलावा सताब्दी रॉय, दीपक अधिकारी (देव), यूसुफ पठान, जून मालिया, प्रसून बनर्जी और माला रॉय जैसे कई प्रमुख सांसदों के नाम भी सामने आए हैं। बागी सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक पहले कोलकाता में आयोजित होने वाली थी, लेकिन अब इसे दिल्ली में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी के शामिल होने की संभावना थी, लेकिन सरकारी व्यस्तताओं के कारण उनका आना तय नहीं है। वहीं, टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सुदीप बंदोपाध्याय की केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से हुई मुलाकात ने भी अटकलों को बढ़ा दिया है। हालांकि, अभिषेक बनर्जी, महुआ मोइत्रा, शत्रुघ्न सिन्हा और कल्याण बनर्जी जैसे कई प्रमुख चेहरे इस बागी गुट से फिलहाल दूर हैं।