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पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं पर छापेमारी से बढ़ी राजनीतिक हलचल

पश्चिम बंगाल में शनिवार को टीएमसी नेताओं पर छापेमारी की घटनाओं ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। अभिषेक बनर्जी के निवास पर पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया, जबकि प्रवर्तन निदेशालय ने मदन मित्रा से जुड़े स्थानों पर छापे मारे। इस दौरान ममता बनर्जी भी घटनास्थल पर पहुंचीं। जानें इस मामले में क्या आरोप हैं और अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा।
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पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं पर छापेमारी से बढ़ी राजनीतिक हलचल

नई दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों का दिन


नई दिल्ली: शनिवार को पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण दिन रहा, जिसमें राजनीतिक और कानूनी गतिविधियों की भरमार थी। एक ओर, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित निवास पर पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया, वहीं दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय ने टीएमसी विधायक मदन मित्रा से जुड़े कई स्थानों पर छापेमारी की।


पुलिस की कार्रवाई का विवरण

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह कोलकाता में अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। शालबोनी पुलिस स्टेशन और कोलकाता पुलिस के अधिकारियों ने उनके निवास पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय की तलाश से संबंधित बताई जा रही है।



सुमित रॉय पर आरोप

सूत्रों के अनुसार, सुमित रॉय पर आरोप है कि उन्होंने कुछ व्यक्तियों से चुनावी टिकट दिलाने का वादा कर धन लिया था। इसी मामले की जांच के तहत पुलिस उनकी तलाश कर रही है। तलाशी अभियान समाप्त होने के बाद पुलिस टीम वहां से लौट गई।


इस घटनाक्रम के दौरान, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी भी अभिषेक बनर्जी के निवास पर पहुंचीं, जिससे राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं।


अभिषेक बनर्जी की प्रतिक्रिया

छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जब पुलिस उनके घर पहुंची, तब घर बंद था। उनका आरोप है कि पुलिस ने ताला तोड़कर तलाशी ली। उन्होंने कहा कि उनके पूरे आवास की जांच की गई और यदि किसी व्यक्ति की तलाश है तो जांच एजेंसियां अपना काम करें।


इससे पहले, शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी किया था। उन्हें 16 जून को जांच अधिकारियों के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ बयान से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। सीआईडी अधिकारियों ने उनके घर जाकर नोटिस देने की कोशिश की थी, लेकिन उनके मौजूद नहीं होने के कारण नोटिस कार्यालय के एक कर्मचारी को सौंप दिया गया।


प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई

इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को मदन मित्रा से जुड़े आठ स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। इनमें कोलकाता के भवानीपुर, उत्तर 24 परगना के कमरहाटी और दक्षिण 24 परगना के जोका स्थित आवास शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई कथित नगर निकाय भर्ती घोटाले से जुड़े मामले की जांच का हिस्सा है।


फिलहाल, दोनों मामलों में जांच जारी है। पुलिस और ईडी की कार्रवाई ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और पूछताछ से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।