पाकिस्तान की बढ़ती चुनौतियाँ: पीओके में विद्रोह और अफगानिस्तान में हमले
पाकिस्तान की आंतरिक और बाहरी चुनौतियाँ
पाकिस्तान की स्थिति अब हर दिशा में बिगड़ती जा रही है। एक ओर, वह पीओके में अपने नागरिकों पर अत्याचार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर, अफगानिस्तान में बमबारी कर निर्दोष लोगों की जान ले रहा है। ऐसे हालात बनते जा रहे हैं कि पाकिस्तान के खिलाफ दो मोर्चे खुलने की संभावना बढ़ रही है। पीओके में लोग इस्लामाबाद के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं, जबकि अफगानिस्तान भी पाक हमलों पर भड़क उठा है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने पाक सेना की वास्तविकता को उजागर किया है। जिस सेना को इस्लामाबाद अपनी ताकत मानता है, वह भारत की जवाबी कार्रवाई के सामने कमजोर नजर आई। भारत ने जिस सटीकता से पाकिस्तान को जवाब दिया, उसने साबित कर दिया कि पाकिस्तानी सेना केवल बयानबाजी में बहादुर है।
पीओके में जनता का विद्रोह
पीओके से आ रही तस्वीरें बेहद चिंताजनक हैं। वहां के लोग अब खुलकर इस्लामाबाद के खिलाफ विद्रोह कर रहे हैं। मुजफ्फराबाद, भीमबर, कोटली और मीरपुर जैसे क्षेत्रों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं और इस्लामाबाद की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन ने पाकिस्तान सरकार को चिंता में डाल दिया है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और कई जगह गोलियां भी चलाईं। इस हिंसा में कम से कम 21 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हैं।
सोशल मीडिया पर पाकिस्तान का असली चेहरा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पाकिस्तान के उस चेहरे को उजागर कर रहे हैं जिसे वह छिपाने की कोशिश करता रहा है। बाजार बंद हैं, सड़कों पर सन्नाटा है और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पाकिस्तान ने पीओके में संचार सेवाओं पर रोक लगाने की कोशिश की है ताकि वहां हो रहे अत्याचारों की खबरें बाहर न आ सकें। कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां लगातार जारी हैं, और लोगों का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार पीओके को उपनिवेश की तरह चला रही है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
पाकिस्तान की दमनकारी कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। ब्रिटेन की संसद के पचास से अधिक सांसदों ने पीओके की स्थिति पर चिंता जताई है। ब्रिटिश सांसद इमरान हुसैन ने कहा कि पीओके में बंदी, संचार अवरोध और गिरफ्तारियों की खबरें चिंताजनक हैं। सांसदों ने ब्रिटिश सरकार से अपील की है कि वह पाकिस्तान पर दबाव बनाए ताकि नाकाबंदी हटे और कश्मीरियों के मानवाधिकारों का सम्मान किया जाए।
अफगानिस्तान में पाकिस्तान का आक्रामक चेहरा
अफगानिस्तान में भी पाकिस्तान का आक्रामक चेहरा सामने आया है। तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर नए हवाई हमलों का आरोप लगाया है। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, पाक सेना ने खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों में नागरिक ठिकानों पर बमबारी की। इन हमलों में ग्यारह बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। तालिबान ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है।
भारत के खिलाफ पाकिस्तान की बेचैनी
पाकिस्तान सरकार के एक दस्तावेज में दावा किया गया है कि भारत ने सात से अधिक स्थानों पर हमले किए थे, जिनका खुलासा आधिकारिक तौर पर नहीं किया गया। इसमें अटक, बहावलनगर, गुजरात, झंग, पेशावर, छोर और हैदराबाद जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है। पाकिस्तान का कहना है कि इन हमलों में भारी नुकसान हुआ।
पाकिस्तान की चारों ओर से घेराबंदी
आज की स्थिति यह है कि पीओके में जनता विद्रोह पर उतारू है, अफगानिस्तान पाकिस्तान पर युद्ध जैसे आरोप लगा रहा है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस्लामाबाद की नीतियों पर सवाल उठा रहा है। आर्थिक हालात भी बिगड़ते जा रहे हैं, जिससे पाकिस्तान के अन्य शहरों से भी सरकार और सेना के खिलाफ आवाजें उठने लगी हैं। इस प्रकार, पाकिस्तान अब चारों ओर से घिरता नजर आ रहा है।
