पाकिस्तान की मानवाधिकार वकील इमान जैनब मजारी ने अदालत के फैसले के खिलाफ की अपील
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में अपील
इस्लामाबाद, 6 नवंबर: पाकिस्तान की मानवाधिकार वकील इमान जैनब मजारी और उनके पति ने आतंकवाद-रोधी अदालत द्वारा सुरक्षा उल्लंघन के मामले में 10-10 साल की सजा के खिलाफ इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में अपील दायर की है। दोनों को 29 अक्टूबर को आतंकवाद-रोधी अदालत के न्यायाधीश ताहिर अब्बास सिप्रा ने दोषी ठहराया था। यह फैसला रावलपिंडी की अडियाला जेल में सुनाया गया था, जहां मुकदमे की सुनवाई चल रही थी।
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि दंपति ने इंग्लैंड और पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बीच 25 अक्टूबर 2024 को रावलपिंडी में होने वाले टेस्ट मैच के दौरान इस्लामाबाद के ज़ीरो पॉइंट पर लगाए गए अवरोधक को हटाने का प्रयास किया, जिससे सरकारी काम में बाधा उत्पन्न हुई और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई। समाचार चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, वकील फैसल सिद्दीकी, रियासत अली आज़ाद और ज़ैनब जंजुआ ने मजारी और चट्टा की ओर से अपीलें दायर कीं। उन्होंने यह भी कहा कि सुनवाई अदालत ने निष्पक्ष सुनवाई की आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया।
दंपति ने अपनी सजा को निलंबित करने के लिए रावलपिंडी की आतंकवाद-रोधी अदालत में अलग-अलग आवेदन भी प्रस्तुत किए हैं। उल्लेखनीय है कि इमान जैनब मजारी पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार में मानवाधिकार मंत्री रहीं शिरीन मजारी की बेटी हैं।
