पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई, रक्षा मंत्री का बयान
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का कड़ा बयान
इस्लामाबाद, 29 जुलाई: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में प्रदर्शनकारियों को भारत के समान दुश्मन करार देते हुए कहा है कि उनके साथ कोई संवाद नहीं किया जाएगा। ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने बुधवार को बताया कि हाल के दो दिनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 37 लोग मारे गए हैं। आसिफ ने पत्रकारों से कहा, 'प्रदर्शनकारियों के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। मैं उन्हें भारत की श्रेणी में मानता हूं और पाकिस्तान का दुश्मन समझता हूं।'
प्रदर्शनकारियों की मांगें और सरकार की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने कहा कि जेएएसी ने उनके साथ बैठक की थी और 38 मांगें रखी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद और मीरपुर पर बलात कब्जा करना चाहते हैं। सनाउल्लाह ने यह भी कहा कि कानून प्रवर्तन कर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में किसी की मौत नहीं हुई है। हालांकि, जेएएसी ने कहा कि पिछले दो दिनों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 37 निहत्थे और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मार डाला।
हिंसा और अस्पतालों की स्थिति
जेएएसी ने बताया कि सोमवार को एक मार्च के दौरान हिंसा भड़की, जब पीओके की विधानसभा के लिए पहले चरण का चुनाव हो रहा था। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जेएएसी ने आरोप लगाया कि अस्पतालों पर सुरक्षा बलों का नियंत्रण है और चिकित्सकों को हटा दिया गया है।
मीडिया प्रतिबंध और इंटरनेट सेवाएं
प्राधिकारियों ने क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं और जेएएसी के प्रदर्शन की खबरों के प्रसारण पर पूरी तरह से मीडिया प्रतिबंध लगा दिया गया है। राणा सनाउल्लाह ने कहा कि कुछ आतंकियों ने पाकिस्तान के खिलाफ हथियार उठाए हैं।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने इन चुनावों को पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे और मानवाधिकारों के उल्लंघनों को छिपाने की कोशिश बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है।
चुनाव की स्थिति
पीओके की विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं, जिनमें से 45 पर सीधे चुनाव होते हैं। पहले चरण के चुनाव में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने नौ सीटें जीतीं, जबकि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को चार सीटें मिलीं।
