पाकिस्तान के हवाई हमले: तालिबान की प्रतिक्रिया और नागरिकों की हानि
पाकिस्तान के हालिया हवाई हमले ने तालिबान को सक्रिय कर दिया है, जिसमें 35 निर्दोष नागरिकों की जान गई। तालिबान ने इसे पाकिस्तान का कायरतापूर्ण कृत्य बताया है। इस हमले के बाद तालिबान की प्रतिक्रिया और पाकिस्तान के दावों के बीच बड़ा विरोधाभास है। जानें इस स्थिति का विस्तार से।
| Jun 29, 2026, 12:47 IST
पाकिस्तान के हवाई हमले का प्रभाव
बुजुर्गों की एक कहावत है कि यदि आप आस्तीन में सांप पालते हैं, तो डसने का खतरा हमेशा बना रहता है। आज पाकिस्तान ने जिस उग्रवाद और कट्टरपंथ को अपनी रणनीतिक ताकत के रूप में इस्तेमाल किया, वही अब उसकी रियासत के लिए खतरा बन गया है। जब पाकिस्तान ने इन उग्र तत्वों को खत्म करने के लिए अफगानिस्तान में हवाई हमले किए, तो उसने एक ऐसे तालिबान को सक्रिय कर दिया जो पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। रविवार की रात, पाकिस्तानी वायुसेना के जेट विमानों ने अफगानिस्तान के बख्तियागा प्रांत के गयान और समकानी जिलों पर बमबारी की, जिसमें 35 निर्दोष लोगों की जान चली गई। तालिबान का गुस्सा अब चरम पर है और पाकिस्तानी सेना को सीधे निशाने पर लिया गया है।
आंकड़े और तालिबान की प्रतिक्रिया
पुलिस कमांड के प्रवक्ता जदान द्वारा प्रस्तुत आंकड़े चौंकाने वाले हैं। समकानी जिले में 35 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें अधिकांश बच्चे शामिल हैं। 40 से अधिक लोग अस्पतालों में गंभीर स्थिति में हैं। चश्मदीदों के अनुसार, धमाके इतने भयानक थे कि कई इमारतें ढह गईं। तालिबान के प्रवक्ता जबी उल्ला मुजाहिद ने इस हमले को पाकिस्तान का कायरतापूर्ण कृत्य बताया और कहा कि पाकिस्तान अपनी घरेलू विफलताओं को छिपाने के लिए निर्दोष अफगान नागरिकों का खून बहा रहा है। उन्होंने पाकिस्तानी सेना को चेतावनी दी कि इस तरह की आक्रामकता का गंभीर परिणाम होगा।
पाकिस्तान का दावा और वास्तविकता
पाकिस्तान का कहना है कि उसने तहरीक तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकानों पर हमला किया है और 29 आतंकवादियों को मार गिराया है। सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने इसे कराची में पैरामिलिट्री रेंजर्स पर हुए हमले का प्रतिशोध बताया। लेकिन यहाँ एक बड़ा विरोधाभास है। पाकिस्तान का दावा है कि आतंकवादी मारे गए, जबकि अफगानिस्तान का कहना है कि आम नागरिकों की हानि हुई है। हवाई हमलों में अक्सर निर्दोष लोगों की बलि चढ़ती है, जिससे नफरत की नई फसल उगती है। पिछले साल अक्टूबर से पाकिस्तान लगातार सीमा पार हमले कर रहा है, लेकिन क्या इससे टीटीपी का अंत हुआ? जवाब है नहीं, क्योंकि टीटीपी के हमले पाकिस्तान में और बढ़ गए हैं।
