पाकिस्तान के हवाई हमले से अफगानिस्तान में नागरिकों की मौत, तालिबान ने दी चेतावनी
पाकिस्तान का हवाई हमला और तालिबान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान में हवाई हमले किए हैं, जिसमें अफगान अधिकारियों के अनुसार नौ नागरिकों की जान चली गई और 11 अन्य घायल हुए हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तानी सेना का दावा है कि उन्होंने आतंकवादियों के दो ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसमें 22 आतंकियों के मारे जाने का भी दावा किया गया है। पाकिस्तान ने इस कार्रवाई को सीमा पार मौजूद चरमपंथियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताया है।
हालांकि, इस हमले से तालिबान के नेता नूरुल्ला नूरी ने पाकिस्तान को सीधी धमकी दी है। उन्होंने पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसियों को अफगानिस्तान के इतिहास को याद रखने की सलाह दी है। नूरी ने कहा कि पाकिस्तान को अफगान लोगों के धैर्य का परीक्षण नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अफगानिस्तान चाहे, तो वह दो दिन में पेशावर में अफगान झंडा फहरा सकता है।
तालिबान और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव
नूरी का यह बयान उस समय आया है जब पाकिस्तान और तालिबान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में हवाई हमले किए हैं। गुरुवार को भी एक हमला हुआ, जिसमें इस्लामाबाद ने आतंकियों और ड्रोन हमलों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। काबुल इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानता है।
नूरुल्ला ने काबुल में एक सभा के दौरान पाकिस्तान को चेतावनी दी कि उसे अफगानिस्तान के इतिहास और राजनीति को समझना चाहिए। उन्होंने सोवियत संघ और अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि ये दोनों शक्तिशाली देश भी अफगानिस्तान में अपने लक्ष्यों को हासिल नहीं कर सके। नूरी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अफगानिस्तान और उसके लोगों को कम आंकना उसके लिए महंगा साबित हो सकता है।
आम नागरिकों पर हमले का असर
तालिबान के प्रवक्ता जबी उल्लाह मुजाहिद ने हमले की जानकारी देते हुए बताया कि नागरिकों के घरों को निशाना बनाया गया। उन्होंने इसे आक्रामक कार्रवाई करार देते हुए इसकी निंदा की। मुजाहिद ने कहा कि यह हमला बुधवार रात कुनार के सुल्तान जिले के चुगा क्षेत्र और हेलमंद के गर्म शेर जिले के सफर क्षेत्र में किया गया। इस हमले में नागरिकों की जान गई और कई लोग घायल हुए, जबकि तीन घर भी नष्ट हो गए।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लगभग 2600 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिस पर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
