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पाकिस्तान ने आतंकवाद में हासिल किया नंबर वन स्थान, भारत की स्थिति चिंताजनक

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 में पाकिस्तान ने आतंकवाद के मामले में नंबर वन स्थान हासिल किया है, जबकि भारत 13वें स्थान पर है। यह रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भारत की स्थिति भी चिंताजनक है, जहां सुरक्षा के मामले में गंभीर चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। जानें इस रिपोर्ट के पीछे की सच्चाई और भारत की सुरक्षा स्थिति पर क्या असर पड़ रहा है।
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पाकिस्तान का खतरनाक रिकॉर्ड

एक देश, जो भुखमरी और आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, वह कैसे दुनिया में सबसे ऊपर आ सकता है? हम पाकिस्तान की बात कर रहे हैं, जिसने ऐसा कर दिखाया है जो अन्य देशों के लिए संभव नहीं था। लेकिन जश्न मनाने से पहले यह जान लें कि यह उपलब्धि तरक्की की नहीं, बल्कि तबाही की है। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 की रिपोर्ट में पाकिस्तान ने आतंकवाद के मामले में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। भारत इस सूची में 13वें स्थान पर है, जबकि अमेरिका 28वें स्थान पर पहुंच गया है। यह सवाल उठता है कि दुनिया के सुरक्षित देशों में हिंसा का स्तर क्यों बढ़ रहा है और भारत में चल रही एक संदिग्ध यूनिवर्सिटी का सच क्या है, जिसने हमें टॉप 15 में पहुंचा दिया है। पाकिस्तान ने इस बार 10 में से 8.5 का स्कोर हासिल किया है।


खतरनाक स्कोर का मतलब

इस स्कोर की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बुरकीना फासो, सोमालिया और सीरिया जैसे देशों, जो वर्षों से गृह युद्ध का सामना कर रहे हैं, वे भी पाकिस्तान से पीछे रह गए हैं। पिछले साल पाकिस्तान दूसरे स्थान पर था, लेकिन इस बार उसने आतंकवाद के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि पाकिस्तान न केवल आतंकवादियों को जन्म दे रहा है, बल्कि वहां होने वाले हमलों की संख्या और तीव्रता भी बढ़ रही है। अब भारत का 13वां स्थान भी चिंताजनक है, जो टॉप 10 के करीब पहुंच गया है।


आंकड़ों की सच्चाई

लगभग 8 महीने पहले दिल्ली में लाल किले के पास एक बड़ा धमाका हुआ था, जिसे हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने समय पर रोक लिया। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे राजधानी पर हमला माना गया। कश्मीर में हमारी सेना आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, लेकिन हर मुठभेड़ और खतरे को आतंकवादी गतिविधियों के रूप में गिना जा रहा है। जीटीआई ने एक ऐसी यूनिवर्सिटी का जिक्र किया है, जिसका संचालन एक संदिग्ध व्यक्ति कर रहा था, जो पहले भी जेल जा चुका है। यह यूनिवर्सिटी कश्मीरी युवाओं को आतंकवादी बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी। अगर भारत समय पर इन संदिग्ध संस्थानों पर कार्रवाई करता, तो आज हम टॉप 20 देशों की सूची से बाहर होते। यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि दुश्मन केवल सीमा पर नहीं, बल्कि हमारे शहरों के बीच भी हो सकते हैं।