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पाकिस्तान ने मक्का रक्षा गठबंधन के तहत सामूहिक सुरक्षा की पुष्टि की

पाकिस्तान ने मक्का रक्षा गठबंधन के तहत सामूहिक सुरक्षा की पुष्टि की है, जिसमें किसी सदस्य पर हमले को सभी पर हमला माना जाएगा। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि यह समझौता रक्षात्मक है और इसका उद्देश्य आक्रामक कार्रवाई नहीं है। उन्होंने हूती विद्रोहियों को चेतावनी दी कि वे यमन संघर्ष को सीमाओं से बाहर न ले जाएं। जानें इस समझौते के पीछे की पूरी कहानी और पाकिस्तान की सुरक्षा रणनीति के बारे में अधिक जानकारी।
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पाकिस्तान का स्पष्ट संदेश

(सज्जाद हुसैन) इस्लामाबाद, 9 सितंबर: पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि नवगठित 'मक्का रक्षा गठबंधन' के किसी भी सदस्य पर हमला सभी के लिए एक हमले के समान होगा। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी है कि सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद यह समझौता प्रभावी हो सकता है।


यह बयान सऊदी अरब पर ईरान समर्थित हूती समूह द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के कुछ घंटे बाद आया, जिसमें शहरी, आर्थिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया और कम से कम 73 नागरिक घायल हुए। आसिफ ने कहा कि यदि किसी सदस्य देश पर बिना उकसावे के आक्रमण होता है या यमन संघर्ष सऊदी अरब तक फैलता है, तो पिछले महीने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए समझौते के सामूहिक रक्षा प्रावधान सक्रिय हो जाएंगे।


आसिफ ने जियो टीवी चैनल को दिए एक साक्षात्कार में कहा, 'इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। यह एक संयुक्त रक्षा समझौता है।' उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान सऊदी अरब के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा।


उन्होंने कहा, 'हम इस समझौते की शर्तों का पूरी तरह पालन करेंगे।' हालांकि, आसिफ ने हूती हमलों के बाद पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच किसी संपर्क की जानकारी नहीं दी।


उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह समझौता रक्षात्मक है और तीनों देशों को किसी अन्य देश के खिलाफ हमले का अधिकार नहीं देता। मंत्री ने कहा, 'इसका उद्देश्य आक्रामक कार्रवाई करना नहीं है।' लेकिन यदि किसी सदस्य देश पर आक्रमण होता है, तो तीनों देश मिलकर उसका जवाब देंगे।


आसिफ ने उम्मीद जताई कि तनाव कम होगा, लेकिन हूतियों को चेतावनी दी कि वे यमन संघर्ष को देश की सीमाओं से बाहर न ले जाएं।