Newzfatafatlogo

पाकिस्तान में आपातकाल: इमरान खान की पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा आपातकाल की घोषणा के बाद, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है। यह कदम राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहा है, जबकि पीटीआई ने इसे असंवैधानिक बताया है। पार्टी अब इस निर्णय को अदालत में चुनौती देने की योजना बना रही है। जानें इस राजनीतिक संकट की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 | 

पाकिस्तान में राजनीतिक संकट गहराया


पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने आपातकाल की घोषणा की है और प्रांतीय सरकार को निलंबित कर दिया है। इसके तुरंत बाद, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।


पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने इस कार्रवाई को 'असंवैधानिक और एकतरफा' करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार इमरान खान की रिहाई और उनके इलाज की मांग को लेकर समर्थकों को इस्लामाबाद की ओर मार्च करने से रोकना चाहती है।


'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी इस निर्णय को अदालत में चुनौती देने पर विचार कर रही है और इसके लिए कानूनी विकल्पों की तलाश की जा रही है।


रविवार को आपातकाल की घोषणा के बाद से, पीटीआई के 270 से अधिक सदस्यों को हिरासत में लिया गया है। गृह मंत्री तलाल चौधरी ने पुष्टि की है कि मुख्यमंत्री सोहेल आफरीदी और उनके कुछ मंत्रियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है।


इस कदम से इमरान खान का राजनीतिक गढ़ सीधे शहबाज शरीफ की संघीय सरकार के नियंत्रण में आ गया है, जिससे पीटीआई के साथ टकराव और बढ़ गया है। अक्टूबर की शुरुआत से ही खैबर पख्तूनख्वा में हजारों लोग इमरान खान की रिहाई की मांग कर रहे हैं।


आपातकाल लागू करने का यह निर्णय इमरान खान की रिहाई और इलाज की मांग को लेकर उनके समर्थकों द्वारा इस्लामाबाद के लिए तय किए गए मार्च से ठीक पहले लिया गया है। पीटीआई ने सरकार के तर्कों को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि इसका उद्देश्य विरोध प्रदर्शनों को रोकना है।


गृह मंत्री ने कहा कि जिन लोगों पर मामले दर्ज हैं, उन पर औपचारिक आरोप लगाकर मुकदमा चलाया जाएगा, जबकि अन्य को रिहा कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री अफरीदी को पहले उनके आधिकारिक आवास पर 'सुरक्षात्मक हिरासत' में रखा गया था।


पीटीआई प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने प्रांतीय सरकार के निलंबन को 'अप्रत्यक्ष तख्तापलट' बताया और कहा कि इससे लोकतंत्र को और नुकसान पहुंचा है।


पीटीआई ने कहा है कि सरकार के साथ बातचीत में इमरान खान के अधिकारों की कोई चर्चा नहीं हुई। 74 वर्षीय खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और भ्रष्टाचार तथा हिंसा भड़काने के आरोपों का सामना कर रहे हैं।


इन आपातकालीन उपायों के तहत प्रांतीय कार्यकारी शक्तियां केंद्र द्वारा नियुक्त राज्यपाल के पास चली गई हैं, जिससे खान की पार्टी उस प्रांत से भी सत्ता से बाहर हो गई है जहां उनकी सरकार थी।