पाकिस्तान में पीटीआई नेताओं के पासपोर्ट ब्लॉक करने का आदेश
आतंकवाद रोधी अदालत का निर्णय
इस्लामाबाद की एक आतंकवाद रोधी अदालत ने खैबर पख्तूनख्वा (केपी) के मुख्यमंत्री मुहम्मद सोहेल अफरीदी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 24 अन्य सांसदों के पासपोर्ट को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश अबुल हसनात मुहम्मद जुल्करनैन ने सोमवार को पुलिस के अनुरोध को स्वीकार करते हुए संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को निर्देश दिया कि वे संबंधित व्यक्तियों के पासपोर्ट को अगले आदेश तक रोकें। इस आदेश में पीटीआई के वरिष्ठ नेता और नेशनल असेंबली के पूर्व अध्यक्ष असद कैसर के साथ-साथ अन्य नेताओं का नाम शामिल है।
आरोप और कानूनी कार्रवाई
अदालत ने बताया कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, इन व्यक्तियों को मामले में आरोपी बनाया गया है। जांच अधिकारी ने अदालत को सूचित किया कि आरोपी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए देश छोड़ सकते हैं। उन पर सरकारी संस्थानों पर हमले और आतंकवाद को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप हैं।
अंतरिम जमानत और प्रदर्शन की तैयारी
अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी उसके समक्ष उपस्थित नहीं हुए हैं और जिन लोगों ने अंतरिम जमानत प्राप्त की है, उन्होंने भी जांच में शामिल होकर अपना बयान नहीं दिया है। यह आदेश तब आया है जब पीटीआई ने 27 सितंबर को देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री का पंजाब दौरा
अफरीदी वर्तमान में प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए समर्थन जुटाने के लिए पंजाब का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने सोमवार को आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस ने उन्हें अगवा करने की कोशिश की और बाद में उनके साथ मारपीट की। अफरीदी ने कहा, "पंजाब पुलिस को इस कार्रवाई का जवाब देना होगा। यह कोई मजाक नहीं है।" उन्होंने एक प्रांत के मुख्यमंत्री के साथ दूसरे प्रांत की पुलिस द्वारा इस तरह के व्यवहार को "अस्वीकार्य" बताया।
