पुणे में केतन अग्रवाल हत्या मामले में सरकार का बड़ा कदम
मुख्यमंत्री का आश्वासन
पुणे में केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतक के पिता, विशाल अग्रवाल, से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। इस मामले की सुनवाई अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। इसके साथ ही, वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त करने की मांग भी स्वीकार कर ली गई है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की कि विशाल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि कानून के अनुसार दोषियों को कड़ी सजा दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
सरकार के निर्देश
सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की मंजूरी भी दी गई है। कानून एवं न्याय विभाग के सचिव को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। उज्ज्वल निकम ने इस मामले में विशेष लोक अभियोजक के रूप में कार्य करने की सहमति भी दी है।
हत्या की साजिश का खुलासा
26 वर्षीय केतन अग्रवाल की 18 जून 2026 को लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। प्रारंभ में इसे एक दुर्घटना माना गया, लेकिन पुलिस जांच में यह मामला हत्या की साजिश में बदल गया।
पुलिस के अनुसार, केतन की सगाई सिया गोयल से हुई थी और उनकी शादी नवंबर 2026 में तय थी। जांच में यह आरोप लगाया गया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच प्रेम संबंध थे। पुलिस का दावा है कि दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
18 जून को सिया ने केतन को लोहागढ़ किले पर बुलाया, जबकि चेतन पहले से वहां मौजूद था। पुलिस का आरोप है कि सिया के इशारे पर चेतन ने केतन को खाई में धक्का दे दिया और बाद में इसे एक हादसा दिखाने की कोशिश की।
पुलिस जांच में और खुलासे
जांच में यह भी सामने आया है कि यह हत्या का पहला प्रयास नहीं था। पुलिस के अनुसार, केतन को पहले भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वे सफल नहीं हो पाईं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और अदालत में आरोप साबित होना बाकी है।
