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पुतिन का भारत दौरा: मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की तैयारी

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 11 सितंबर को भारत दौरे पर आ रहे हैं, जहां उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी। यह वार्ता व्यापार, आर्थिक सहयोग और रक्षा मुद्दों पर केंद्रित होगी। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक में क्या चर्चा की जाएगी और इसके वैश्विक प्रभाव क्या होंगे।
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पुतिन का भारत दौरा


नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे की पुष्टि हो गई है। क्रेमलिन ने जानकारी दी है कि पुतिन 11 सितंबर को भारत आएंगे, जहां उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी। यह वार्ता दो हफ्तों में दूसरी बार होगी, इससे पहले 31 अगस्त को किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी। उस समय मोदी ने पुतिन से यूक्रेन युद्ध समाप्त करने की अपील की थी।


11 सितंबर को होने वाली वार्ता के बाद, पुतिन 12 सितंबर से शुरू होने वाले दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेंगे। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस मुलाकात की जानकारी दी और बताया कि रूस भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार मानता है।


पेस्कोव ने कहा कि मोदी और पुतिन की बातचीत में व्यापार, आर्थिक सहयोग, परिवहन और दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के मुद्दे शामिल होंगे। इसके अलावा, दोनों नेता नए कारोबारी अवसरों पर भी चर्चा कर सकते हैं। यह भी संभावना है कि वार्ता में रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर भी चर्चा की जाएगी।


रूस का मानना है कि पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा है। बैठक में रक्षा सहयोग भी एक महत्वपूर्ण विषय रहेगा, जिसमें रूस भारत को एसयू-57 लड़ाकू विमान की बिक्री पर चर्चा कर सकता है। यह विमान रूस का पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसमें स्टील्थ तकनीक शामिल है, जिससे इसे रडार पर पकड़ना मुश्किल होता है।


यह ध्यान देने योग्य है कि पुतिन का यह दौरा 4 दिसंबर 2025 को उनके पिछले भारत दौरे के बाद हो रहा है, जो रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद का पहला दौरा था। उस समय पीएम मोदी ने हवाईअड्डे पर उनका स्वागत किया और दोनों नेता एक साथ प्रधानमंत्री आवास पहुंचे, जहां मोदी ने उनके सम्मान में एक प्राइवेट डिनर आयोजित किया।