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पुतिन ने ब्रिक्स फोरम में वैश्विक अर्थव्यवस्था में बदलाव पर चर्चा की

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम में वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जी-7 की तुलना में ब्रिक्स देशों की आर्थिक प्रगति को रेखांकित किया और पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की आलोचना की। पुतिन ने ब्रिक्स देशों की विशाल जनसंख्या और घरेलू बाजार की ताकत का भी उल्लेख किया। इस सत्र में भारत की भूमिका और व्यापार वृद्धि पर भी चर्चा की गई, जिसमें भारत के केंद्रीय मंत्री ने ब्रिक्स के निर्यात में वृद्धि की जानकारी साझा की।
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ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पुतिन का संबोधन


नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में गहरा और संरचनात्मक परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने बताया कि 20वीं सदी के अंत में आर्थिक विकास का नेतृत्व करने वाले पारंपरिक पश्चिमी देश अब पीछे रह गए हैं, और उनकी जगह नई उभरती अर्थव्यवस्थाएं विकास का नया स्रोत बन रही हैं। पुतिन ने यह भी कहा कि यह बदलाव वैश्विक शक्ति संतुलन के पुनर्गठन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।


जी-7 और ब्रिक्स की तुलना

पुतिन ने जी-7 समूह पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में, ब्रिक्स देशों ने दुनिया के कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 40% से अधिक हिस्सा उत्पन्न किया है, जबकि जी-7 का योगदान केवल 29% रहा है। इस दौरान, वैश्विक आर्थिक वृद्धि में ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी 50% से अधिक रही, जबकि जी-7 देशों का योगदान घटकर 18% रह गया।


ब्रिक्स की जनसंख्या और बाजार

रूसी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स देशों की तेज आर्थिक प्रगति का कारण बताते हुए कहा कि इन देशों में दुनिया की आधी से अधिक जनसंख्या निवास करती है। इस विशाल जनसंख्यिकी के कारण, ब्रिक्स देशों के पास एक गतिशील और जीवंत घरेलू बाजार है, जो निरंतर आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पश्चिमी देशों के पास विकसित बुनियादी ढांचा और उन्नत तकनीक जैसी मजबूत क्षमताएं हैं।


पश्चिमी प्रतिबंधों की आलोचना

पुतिन ने पश्चिमी देशों द्वारा अनुचित प्रतिस्पर्धा के तरीकों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश अपनी खोई हुई स्थिति को पुनः प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, जो कई बार नकारात्मक रूप ले लेते हैं। रूस पर लगाए गए 30,000 से अधिक प्रतिबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों के बावजूद, ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत और भरोसेमंद व्यावसायिक संबंध अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रणाली को अधिक लचीला और टिकाऊ बना रहे हैं।


ईरान और ब्राजील के नेताओं की टिप्पणियाँ

सत्र में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने चेतावनी दी कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और राजनीतिक दबाव के लिए आर्थिक हथियारों का उपयोग अंतरराष्ट्रीय व्यापार को कठिन बना रहा है। उन्होंने ब्रिक्स से व्यापार, निवेश और संयुक्त वित्तपोषण का एक मजबूत नेटवर्क बनाने का आह्वान किया। वहीं, ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा ने बताया कि 1960 के दशक से अब तक वैश्विक जीडीपी में निम्न और मध्यम आय वाले देशों की हिस्सेदारी 20% से बढ़कर 50% से अधिक हो चुकी है।


भारत की भूमिका और व्यापार वृद्धि

सत्र के दौरान, भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि ब्रिक्स देशों का वैश्विक निर्यात 2003 में $900 अरब से बढ़कर 2024 में $6 ट्रिलियन हो गया है। ब्रिक्स की वैश्विक निर्यात में हिस्सेदारी लगभग दोगुनी होकर 24% तक पहुंच गई है। पुतिन ने भी भारत की उभरती टेक कंपनियों और नवाचार की सराहना की। इस फोरम में डिजिटल अर्थव्यवस्था, कृषि और गैर-टैरिफ बाधाओं जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा हुई।