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पूर्व ईडी अधिकारी निरंजन सिंह ने अकाली दल में शामिल होने का लिया निर्णय

पूर्व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उप निदेशक निरंजन सिंह ने 23 सितंबर को अकाली दल (वारिस पंजाब दे) में शामिल होने का निर्णय लिया है। उन्होंने पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई के मुद्दे पर इस दल को गंभीरता से लिया है। निरंजन सिंह ने पूर्व सरकारों पर नशे की समस्या से निपटने में असफल रहने का आरोप लगाया है। उनका राजनीतिक सफर उस समय शुरू हो रहा है जब वारिस पंजाब दे पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है। जानें उनके बारे में और इस घटनाक्रम के पीछे की कहानी।
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निरंजन सिंह का राजनीतिक सफर

जालंधर: पूर्व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उप निदेशक निरंजन सिंह 23 सितंबर को अकाली दल (वारिस पंजाब दे) में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई के मुद्दे पर यह दल सबसे गंभीर प्रतीत हुआ, इसलिए उन्होंने इसमें शामिल होने का निर्णय लिया है।


निरंजन सिंह ने कहा कि विधायक मनप्रीत सिंह अयाली और सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने उनके घर पर उनसे मुलाकात की, जिसके बाद उन्होंने पार्टी में शामिल होने का मन बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की पूर्व सरकारें नशे की समस्या से प्रभावी तरीके से निपटने में असफल रही हैं।


निरंजन सिंह की पहचान


निरंजन सिंह जालंधर में ईडी के उप निदेशक रह चुके हैं और कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच में शामिल रहे हैं। उन्होंने ड्रग तस्करी से जुड़े जगदीश भोला और राजा कंडोला मामलों की जांच की थी। इसके अलावा, उन्होंने पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणिंदर सिंह जैसे कई प्रमुख व्यक्तियों से पूछताछ की थी। मई 2021 में उन्होंने ईडी से सेवानिवृत्त होने का निर्णय लिया।


यह घटनाक्रम उस समय हो रहा है जब वारिस पंजाब दे पार्टी पंजाब में अपने संगठनात्मक विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है और 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है। हाल ही में, पार्टी ने कई विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी नियुक्त किए हैं।