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प्रतुल शाहदेव का बयान: सना मलिक को पाकिस्तान जाना चाहिए

भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने सना मलिक के पाकिस्तान प्रेम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि सना को पाकिस्तान से इतना प्रेम है, तो उन्हें वहां जाकर रहना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के महत्व पर भी जोर दिया। प्रतुल ने मुस्लिम बेटियों के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की और बहुविवाह को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की। जानें इस विवादास्पद बयान के पीछे की पूरी कहानी और प्रतुल शाहदेव की अन्य टिप्पणियां।
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सना मलिक के पाकिस्तान प्रेम पर प्रतुल शाहदेव की प्रतिक्रिया

रांची: सना मलिक के पाकिस्तान के प्रति प्रेम और विपक्षी दलों के साथ उनके संबंधों की अटकलों के बीच, शरद पवार के बयान पर भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।


प्रतुल शाहदेव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि सना मलिक को पाकिस्तान से इतना प्रेम है, तो उन्हें वहां जाकर रहना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि वहां जाकर वे चार शादियां कर सकती हैं या किसी दूल्हे की चौथी पत्नी बन सकती हैं, जिससे किसी को आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की है।


प्रतुल ने यह सवाल उठाया कि क्या सना मलिक अपनी बेटी की शादी किसी ऐसे व्यक्ति से करेंगी जो चौथी पत्नी हो। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार मुस्लिम बेटियों के अधिकारों के लिए काम कर रही है, लेकिन कुछ लोग बहुविवाह को बढ़ावा दे रहे हैं, जो बेशर्मी की निशानी है।


उन्होंने पश्चिम बंगाल में यूसीसी के संदर्भ में कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नारा था कि एक देश में दो कानून नहीं चल सकते। उन्होंने यह भी बताया कि गोवा में यूसीसी पिछले 50 वर्षों से लागू है और वहां कोई समस्या नहीं आई।


प्रतुल शाहदेव ने कहा कि मुस्लिम घुसपैठिए स्थानीय मुस्लिम बेटियों से निकाह करके नागरिकता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, जिस पर रोक लगनी चाहिए।


विपक्षी दलों के संपर्क में होने की अटकलों पर प्रतुल ने कहा कि भाजपा या एनडीए किसी भी दल को तोड़ने की कोशिश नहीं कर रही है। यदि कोई पार्टी की नीतियों के खिलाफ जाकर आना चाहता है, तो यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है।


कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के बयान पर प्रतुल ने कहा कि आपातकाल देश का सबसे काला अध्याय था, जिसमें सभी मौलिक अधिकारों का हनन हुआ था।