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प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की महत्वपूर्ण बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच नई दिल्ली में हुई बैठक में भारत-रूस संबंधों की वर्तमान स्थिति और भविष्य के सहयोग पर चर्चा की गई। इस मुलाकात में व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, और अंतरिक्ष जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया गया। पुतिन ने मोदी को रूस आने का निमंत्रण भी दिया, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया। जानें इस बैठक के प्रमुख बिंदु और दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं।
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नई दिल्ली में मोदी और पुतिन की मुलाकात


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। यह बैठक BRICS शिखर सम्मेलन से अलग आयोजित की गई थी। इस बातचीत में भारत और रूस के बीच संबंधों की वर्तमान स्थिति और भविष्य के सहयोग पर गहन चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने के मुद्दों पर विचार किया।


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि मोदी और पुतिन ने भारत-रूस की विशेष और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी से संबंधित कई पहलुओं पर चर्चा की। दोनों ने विभिन्न क्षेत्रों में अब तक की प्रगति का आकलन किया। बातचीत में यह भी स्वीकार किया गया कि रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्र दोनों देशों के संबंधों के लिए निरंतर महत्वपूर्ण बने हुए हैं।


बैठक के दौरान, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों पर भी अपने विचार साझा किए। विशेष रूप से पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में चल रहे संघर्षों का उल्लेख किया गया। इन तनावों का समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर प्रभाव पड़ा है, इसलिए इन घटनाक्रमों पर दोनों देशों के लिए ध्यान देना आवश्यक समझा गया।


पुतिन का मोदी को रूस आने का निमंत्रण

पीएम को रूस आने का दिया न्योता


पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को रूस आने का निमंत्रण भी दिया है। उन्होंने 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए मोदी को आमंत्रित किया, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया है। हालांकि, इस बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है। दोनों देशों के अधिकारी आपसी सहमति से कार्यक्रम को अंतिम रूप देंगे।


बैठक में राजनीतिक और आर्थिक संबंधों के अलावा रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कुशल श्रमिकों की आवाजाही और लोगों के बीच संपर्क जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने BRICS के मंच पर भारत-रूस सहयोग पर भी विचार साझा किए। भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता करेगा, और इसी संदर्भ में दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग भी बातचीत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।