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प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी की रील्स: राजनीति में नया ट्रेंड

प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर राजनीति में एक नया ट्रेंड शुरू किया है। मोदी ने खुद रील्स बनाना शुरू किया है, जबकि राहुल गांधी ने भी इस ट्रेंड को अपनाया है। दोनों नेताओं की रील्स को करोड़ों व्यूज और लाखों लाइक्स मिल रहे हैं। जानें कैसे ये रील्स युवा पीढ़ी को आकर्षित कर रही हैं और राजनीति में एक नया मोड़ ला रही हैं।
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सोशल मीडिया पर रील्स का बढ़ता प्रभाव


कुछ समय पहले, रेल मंत्री को ट्रोल करते हुए सोशल मीडिया पर उन्हें 'रील मंत्री' कहा जा रहा था। हालाँकि, उन्होंने हाल ही में रील बनाना बंद कर दिया है। अब, प्रधानमंत्री मोदी ने खुद रील बनाना शुरू कर दिया है। पहले उनकी रील्स उनकी पीआर टीम द्वारा बनाई जाती थीं, लेकिन अब वे खुद अपने मोबाइल से रील्स बनाकर इंस्टाग्राम पर साझा कर रहे हैं। 23 जुलाई को, उन्होंने पहली बार एक रील पोस्ट की, और उसके बाद से उन्होंने कम से कम पांच रील्स बनाई हैं, जिनमें से प्रत्येक को करोड़ों व्यूज और लाखों लाइक्स मिले हैं। यह जानना दिलचस्प होगा कि प्रधानमंत्री को इन सोशल मीडिया हैंडल्स से कितनी आय होती है।


विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस ट्रेंड का अनुसरण करते हुए रील्स बनाना शुरू कर दिया है। पहले कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री की रील्स का मजाक उड़ाते थे, लेकिन अब उन्होंने खुद भी इसे अपनाया है। हाल ही में, मानसून सत्र के दौरान, राहुल और प्रियंका गांधी बारिश में भीगते हुए संसद से बाहर आए, और उनकी इस रील को सोशल मीडिया पर साझा किया गया। कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने इसे 'अनस्टॉपेबल' नाम से साझा किया।


राहुल गांधी ने अपनी मां सोनिया गांधी के पालतू कुत्ते 'नूरी' के साथ भी एक रील बनाई, जिससे 'नूरी' की चर्चा चारों ओर होने लगी। इसके अलावा, उन्होंने ई-20 पेट्रोल पर एक रील बनाई, जिसमें उन्होंने गाड़ी के पेट्रोल टैंक का ढक्कन खोलते हुए कहा कि 'यहां तो पूरी दाल ही काली है।' यह स्पष्ट है कि अब नेता नई पीढ़ी को आकर्षित करने के लिए रील्स का सहारा ले रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी हाल ही में स्वदेशी आंदोलन के 121 साल पूरे होने के अवसर पर एक रील बनाई, जिससे यह साबित होता है कि रील्स अब मुख्यधारा की राजनीति का हिस्सा बन गई हैं।