प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स यात्रा: रक्षा सहयोग में नया अध्याय
सेशेल्स यात्रा का महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया यात्रा सेशेल्स केवल औपचारिकता या कूटनीतिक प्रतीकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, क्षमता निर्माण और नई तकनीकों में साझेदारी को व्यापक रूप से बढ़ावा दिया। इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण परिणाम भारत द्वारा सेशेल्स में चार सैन्य सलाहकारों की तैनाती का निर्णय था, जो उस व्यवस्था को पुनर्जीवित करता है जिसे पूर्व सरकार ने समाप्त कर दिया था। सलाहकारों की वापसी एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव का संकेत है और सेशेल्स के सुरक्षा ढांचे में भारत की भूमिका को और मजबूत बनाती है। यह उस समय हो रहा है जब हिंद महासागर क्षेत्र वैश्विक भू-राजनीति में एक विवादित स्थान बनता जा रहा है।
सैन्य सलाहकारों की भूमिका
ये चार सैन्य सलाहकार सेशेल्स के रक्षा और सुरक्षा संस्थानों के साथ मिलकर काम करेंगे, जिससे ऑपरेशनल तालमेल, प्रशिक्षण, योजना और संस्थागत क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इनकी वापसी से एक पुरानी व्यवस्था पुनः स्थापित हो गई है, जो हाल के वर्षों में बंद होने से पहले दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग का एक महत्वपूर्ण आधार थी। नई दिल्ली के लिए, यह कदम उस विश्वास का प्रतीक है जिस पर यह रिश्ता आधारित है और यह पश्चिमी हिंद महासागर में सेशेल्स के प्रमुख सुरक्षा साझेदार के रूप में भारत की स्थिति को और मजबूत करता है।
भारत की सुरक्षा सहायता
भारत पहले से ही सेशेल्स के सुरक्षा ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा संभाल रहा है। वर्तमान में, भारत कई तरीकों से सेशेल्स की समुद्री और सुरक्षा व्यवस्था का अभिन्न अंग बन चुका है। सेशेल्स के आधे से अधिक समुद्री और हवाई संसाधन या तो भारत ने प्रदान किए हैं या भारत उनकी सहायता कर रहा है। इनमें डोर्नियर एयरक्राफ्ट और पेट्रोल वेसल शामिल हैं, जो देश की निगरानी और समुद्री सुरक्षा क्षमताओं की रीढ़ हैं। भारत की सहायता तटीय निगरानी प्रणाली, समुद्री क्षेत्र की जानकारी और क्षमता बढ़ाने वाले कार्यक्रमों तक फैली हुई है। इन सभी का उद्देश्य इस द्वीप देश की क्षमता को बेहतर बनाना है, ताकि वह अपने विशाल 'एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन' (EEZ) पर नजर रख सके। यह संबंध और भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि भारत इस क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच हिंद महासागर में अपनी साझेदारी को मजबूत करना चाहता है।
भारत द्वारा 'मेड-इन-इंडिया' उपकरणों की आपूर्ति
इस यात्रा के दौरान, भारत ने सेशेल्स को 'मेड-इन-इंडिया' फास्ट पेट्रोल वेसल, लेज़र रेडियल बोट, यूटिलिटी वाहन और एम्बुलेंस प्रदान की। उम्मीद है कि ये पेट्रोल वेसल सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाएंगे और पश्चिमी हिंद महासागर में व्यस्त समुद्री मार्गों पर निगरानी को बेहतर बनाएंगे। हाल ही में प्रदान की गई ये वस्तुएं सेशेल्स के सबसे बड़े और सबसे विश्वसनीय सुरक्षा साझेदार के रूप में भारत की भूमिका को और मजबूत करती हैं।
