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प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए सांसदों के साथ बैठक में संगठन की मजबूती पर जोर दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के नए लोकसभा सांसदों के साथ एक बैठक में संगठन की मजबूती और संसद में सक्रिय भूमिका निभाने का महत्व बताया। उन्होंने सांसदों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ है और संसद की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस बैठक में शामिल सांसदों को अपने क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को उठाने और गरीबों की समस्याओं को समझने के लिए प्रेरित किया गया। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और क्या कहा गया।
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संसद के मानसून सत्र में एनडीए सांसदों की बैठक


नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान चल रहे हंगामे के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एनडीए के नए लोकसभा सांसदों के साथ अपने निवास पर नाश्ते के दौरान एक बैठक की। इस बैठक में लगभग 45 सांसद शामिल हुए, जिनमें तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) से आए सांसद भी शामिल थे। प्रधानमंत्री ने सांसदों को संगठन की मजबूती और संसद में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।


प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए केवल एक राजनीतिक गठबंधन नहीं है, बल्कि यह एक परिवार की तरह है। उन्होंने सांसदों को आश्वस्त किया कि सभी का सम्मान किया जाएगा और समान व्यवहार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सांसदों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार और संगठन उनके साथ हैं।


बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने सांसदों को संसद की गरिमा बनाए रखने की सलाह दी और कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है, जहां सार्थक चर्चा और सुचारु कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार हो रहे हंगामे के कारण नए सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पा रहा है, जो उनके साथ अन्याय है।


प्रधानमंत्री ने नए सांसदों को इतिहास का अध्ययन करने, सदन में पूरी तैयारी के साथ बहस करने और अपने क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि विकास कार्यों में कोई समस्या आती है, तो सांसद सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संपर्क कर सकते हैं।


उन्होंने सांसदों से गरीबों, किसानों और मजदूरों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करने का भी आग्रह किया।


गौरतलब है कि 15 जून को तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने पार्टी छोड़कर नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का दामन थाम लिया था। इसके बाद उनकी लोकसभा में बैठने की व्यवस्था अलग कर दी गई। वहीं, 22 जून को शिवसेना (उद्धव गुट) के छह सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट में शामिल हो गए थे और अब वे भी सदन में शिंदे गुट के साथ बैठ रहे हैं। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था और यह 13 अगस्त तक चलेगा।