प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया
नई दिल्ली में मोदी और पुतिन की मुलाकात
नई दिल्ली: शुक्रवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तमिल साहित्य की महत्वपूर्ण कृति 'तिरुक्कुरल' का रूसी में अनुवादित संस्करण भेंट किया। यह मुलाकात नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई, जिसमें भारत इस वर्ष की अध्यक्षता कर रहा है। पुतिन भी सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आए थे।
तिरुक्कुरल: एक सांस्कृतिक धरोहर
'तिरुक्कुरल' तमिल कवि तिरुवल्लुवर द्वारा लिखी गई एक प्रसिद्ध रचना है, जिसे तमिल साहित्य की सबसे महत्वपूर्ण कृतियों में से एक माना जाता है। इसमें 1,330 दोहे शामिल हैं, जो नैतिकता, सदाचार, शासन, प्रेम और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विचार प्रस्तुत करते हैं। मोदी ने पुतिन को इसका रूसी संस्करण देकर भारत की सांस्कृतिक धरोहर को उजागर किया। यह अनुवाद पुतिन के लिए इसे समझने में सरल बनाने के उद्देश्य से भी किया गया है।
भारत-रूस व्यापार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
मोदी और पुतिन की बातचीत केवल सांस्कृतिक उपहारों तक सीमित नहीं रही। दोनों देशों के बीच आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेता 2030 तक भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर विचार कर सकते हैं। इसके साथ ही, दोनों देशों की कंपनियों के बीच कारोबारी अवसरों को बढ़ाने और रूसी बाजार में भारतीय कंपनियों की पहुंच को सरल बनाने के उपायों पर भी चर्चा हो सकती है।
नए औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग
भारत और रूस औद्योगिक सहयोग को नए क्षेत्रों में विस्तारित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें रेलवे, सुरंग निर्माण और स्टील वैल्यू चेन शामिल हैं। दोनों देश असैन्य परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा कर सकते हैं, जिसमें परमाणु ईंधन चक्र और परियोजनाओं के पूरे जीवनकाल से संबंधित सहयोग शामिल है। इसके अलावा, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, उर्वरक और कुशल श्रमिकों की आवाजाही भी बातचीत के एजेंडे में शामिल हो सकती है। भारत रणनीतिक और हाईटेक उद्योगों के लिए आवश्यक खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना चाहता है, जबकि रूस भारत के लिए उर्वरकों का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है।
