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प्रवासन व्यवस्था पर ट्रंप प्रशासन के फैसले की जयपाल ने की आलोचना

डेमोक्रेट सांसद प्रमिला जयपाल ने राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन द्वारा माइक्रोसॉफ्ट को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम से निलंबित करने के निर्णय की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे अमेरिका में कानूनी प्रवासन व्यवस्था को तहस-नहस करने वाला कदम बताया। जयपाल ने कहा कि यह निर्णय प्रवासियों के लिए अमेरिका आने के रास्ते को बंद करेगा और नवाचार क्षमता को प्रभावित करेगा। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
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डेमोक्रेट सांसद प्रमिला जयपाल की प्रतिक्रिया

(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 9 अक्टूबर - अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद प्रमिला जयपाल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम से निलंबित करने के निर्णय की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि यह कदम अमेरिका में कानूनी प्रवासन प्रणाली को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। हाल ही में, अमेरिका ने कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोब जैसी आठ प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों को इस कार्यक्रम से निलंबित कर दिया। प्रशासन का तर्क है कि यह व्यवस्था अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार के अवसरों को बाधित कर रही है।


माइक्रोसॉफ्ट का बचाव

जयपाल, जो वाशिंगटन राज्य का प्रतिनिधित्व करती हैं, ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट हमेशा प्रवासन व्यवस्था में सुधार की वकालत करती रही है। कंपनी का मुख्यालय रेडमंड, वाशिंगटन में स्थित है। उनके बयान को माइक्रोसॉफ्ट के समर्थन के रूप में देखा गया, जिस पर उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस ने तंज करते हुए सवाल उठाया कि क्या समाजवाद का मतलब बड़ी कंपनियों के लिए कम वेतन पर काम करने वाले श्रमिकों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है?


ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर सवाल

वेंस ने इस निलंबन की घोषणा करते हुए प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों और आउटसोर्सिंग फर्मों पर आरोप लगाया कि वे अमेरिकी श्रमिकों के हितों की अनदेखी कर वीजा व्यवस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं। जयपाल ने कहा कि ट्रंप प्रशासन लगातार उन कानूनी रास्तों को बंद कर रहा है, जिनके माध्यम से प्रवासी अपनी प्रतिभा और कौशल से देश के विकास में योगदान कर सकते हैं। उन्होंने इसे ऐसे ही कदमों की एक और कड़ी बताया।


प्रवासन प्रणाली की आवश्यकता

जयपाल ने कहा, "आप कानूनी प्रवासन व्यवस्था को तहस-नहस करके एक खराब प्रवासन प्रणाली को ठीक नहीं कर सकते।" उन्होंने बताया कि स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (पीईआरएम) उन कामगारों के लिए रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड प्राप्त करने का पहला कदम है, जो देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ मिले और स्थानीय लोगों के रोजगार के अवसरों को नुकसान न पहुंचे।


कठोर कदमों का प्रभाव

उन्होंने आगे कहा, "हमारी अर्थव्यवस्था, समाज और परिवार प्रौद्योगिकी समेत सभी क्षेत्रों में प्रवासियों पर निर्भर हैं। ऐसे कठोर कदम एक मजबूत, स्थिर और विविध कार्यबल के निर्माण में बाधा डालते हैं।" इससे प्रवासियों के लिए अमेरिका आने के कानूनी रास्ते बंद होंगे, जबकि आवश्यकता ऐसे नियमों की है जो अमेरिकी कामगारों को शोषण करने वाले नियोक्ताओं से बचाएं और सभी को पारदर्शी तरीके से अवसर प्रदान करें।


नवाचार क्षमता पर असर

जयपाल ने चेतावनी दी कि माइक्रोसॉफ्ट या 'पीईआरएम' कार्यक्रम को इस तरह निशाना बनाने से केवल कानूनी प्रवासन व्यवस्था कमजोर होगी और अमेरिका की नवाचार क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।