प्रेम विज को मिला ‘प्रेरणा आजीवन साहित्य साधना सम्मान-2026’
साहित्यिक समारोह में प्रेम विज का सम्मान
चंडीगढ़ / कुरुक्षेत्र - अखिल भारतीय प्रेरणा साहित्य एवं शोध संस्थान, कुरुक्षेत्र और हरियाणा प्रादेशिक लघुकविता मंच, सिरसा ने हाल ही में प्रेरणा वृद्धाश्रम, कुरुक्षेत्र में लघुकविता कुंभ का आयोजन किया। इस अवसर पर एक साहित्यकार सम्मान एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया। वरिष्ठ साहित्यकार और संपादक प्रेम विज को उनके दीर्घकालिक साहित्यिक योगदान के लिए ‘प्रेरणा आजीवन साहित्य साधना सम्मान-2026’ से नवाजा गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र, अंग वस्त्र, नगद राशि, शाल और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
संस्थान ने प्रेम विज की साहित्यिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों की सराहना की, यह बताते हुए कि उन्होंने प्रादेशिक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। हरियाणा सरकार द्वारा दिए गए विशिष्ट हिंदी-सेवी सम्मान, पंजाब सरकार के स्टेट अवार्ड और चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के आजीवन उपलब्धि सम्मान सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित प्रेम विज हिंदी साहित्य के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं। उनकी संपादित और प्रकाशित पुस्तकों ने कई लोगों को प्रेरित किया है।
इस समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. मधुकांत, सूर पुरस्कार विजेता और प्रज्ञा साहित्यिक मंच के अध्यक्ष थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. बाबू राम, हिंदी विभागाध्यक्ष, बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय, रोहतक ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अंजना गर्ग, पूर्व प्रोफेसर, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, डॉ. विनोद शर्मा, प्रसिद्ध कवि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
प्रेम विज की अब तक 26 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, और उनके कार्य पर पांच विश्वविद्यालयों में शोध कार्य भी किया गया है। उनकी कई रचनाएं पाठ्य पुस्तकों में शामिल हैं।
सम्मानित करते समय संस्थान ने प्रेम विज के साहित्यिक योगदान और हिंदी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। सम्मान-पत्र में उनके उत्तम स्वास्थ्य और सुखमय जीवन की कामना की गई।
इस कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. मधुकांत, डॉ. जय भगवान सिंगला और संयोजिका किरण गर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हरियाणा प्रादेशिक लघुकविता मंच के प्रधान प्रो. रूप देवगुण ने भी साहित्यिक गतिविधियों में योगदान दिया।
