फ्रांस के पूर्व पायलट पर जासूसी और गद्दारी के आरोप
फ्रांस के पूर्व पायलट पियरे हेनरी चुए पर चीन के लिए जासूसी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। उन्होंने भारत के राफेल विमानों को लेकर विवादास्पद दावे किए थे, जिससे रक्षा जगत में हलचल मच गई थी। फ्रांस की खुफिया एजेंसी ने उन्हें चीन का जासूस करार दिया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और चुए के खिलाफ उठाए गए कदमों के बारे में।
| Jul 31, 2026, 16:18 IST
पियरे हेनरी चुए का विवादास्पद दावा
मई 2025 में भारतीय वायु सेना के राफेल विमानों ने पाकिस्तान की सीमा में उड़ान भरी थी। इसी दौरान, एक फ्रांसीसी पूर्व पायलट ने यह दावा किया कि चीन के जे 10 सी ने भारतीय राफेल को मार गिराया। यह बयान सुनकर दुनिया चौंक गई, क्योंकि यह व्यक्ति, जिसे रक्षा विशेषज्ञ माना जा रहा था, अब फ्रांस की खुफिया एजेंसी द्वारा चीन का जासूस करार दिया गया है। पियरे हेनरी चुए, जिसने राफेल को हारते हुए दिखाया था, अब गंभीर आरोपों के चलते फ्रांस की जेल में जाने के कगार पर है। आखिरकार, यह व्यक्ति चीन का स्लीपर सेल कैसे बन गया?
पियरे का करियर और सोशल मीडिया पर प्रभाव
पियरे कोई साधारण पायलट नहीं था। उसने फ्रांस की नौसेना के विशेष विंग में कई वर्षों तक सेवा की। उसने चार्ल्स डिगोल एयरक्राफ्ट कैरियर से राफेल एम जैसे अत्याधुनिक विमानों को उड़ाया। 2021 में नेवी से रिटायर होने के बाद, उसने खुद को एक सोशल मीडिया स्टार और रक्षा विश्लेषक के रूप में स्थापित किया। उसके YouTube चैनल पर 5.5 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं। लोग उसे एक अनुभवी पायलट मानते थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा कि उसकी स्क्रिप्ट बीजिंग से लिखी जा रही थी। 10 मई 2025 को, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया, और इसी दौरान चुए ने एक वीडियो जारी किया जिसमें उसने दावा किया कि पाकिस्तान के जे 10 सी ने भारत के राफेल को मार गिराया है।
फ्रांस की प्रतिक्रिया और चुए के झूठ
उस समय, राफेल बनाने वाली कंपनी के सीईओ एरिक ने इन दावों को गलत बताया और भारत ने भी स्पष्ट किया कि उनका कोई राफेल नहीं गिरा है। लेकिन पियरे अपने झूठ पर अड़ा रहा। अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह झूठ क्यों बोल रहा था, क्योंकि उसका असली आका चीन था। फ्रांस की खोजी मीडिया ने खुलासा किया है कि चुए ने 2018 और 2019 में चीन की यात्रा की, बिना अपने कमांडिंग ऑफिसर को बताए। इन यात्राओं का खर्च किसने उठाया, यह एक बड़ा सवाल है।
चीन के लिए संवेदनशील जानकारी लीक
दक्षिण अफ्रीका की एक फ्लाइंग एकेडमी, जो चीन के लिए काम करती है, में जाकर चुए ने चीनी पायलटों को राफेल से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सिखाई। उसने उन्हें एयरक्राफ्ट कैरियर ऑपरेशंस और सीरिया में पश्चिमी देशों द्वारा इस्तेमाल की गई तकनीकी जानकारी भी दी। 20 जुलाई 2026 को, फ्रांस की घरेलू खुफिया एजेंसी ने चुए के घर पर छापा मारा और उसके पास से ऐसे सबूत मिले जो उसकी गद्दारी को साबित करते हैं। पेरिस की सरकारी वकीलों के अनुसार, उस पर विदेशी शक्ति को खुफिया जानकारी देने और मनी लॉन्डिंग जैसे गंभीर आरोप हैं।
