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बांकीपुर चुनाव 2026: बीजेपी की जीत की उम्मीदें धूमिल, प्रशांत किशोर का बढ़ता प्रभाव

बांकीपुर विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी की जीत की उम्मीदें धूमिल होती नजर आ रही हैं। पार्टी ने 200 किलो लड्डू तैयार करवा लिए थे, लेकिन काउंटिंग के शुरुआती दौर में प्रशांत किशोर, जो जनसुराज पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, आगे चल रहे हैं। इस बार चुनावी ट्रेंड में बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे बीजेपी की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशांत किशोर की राजनीतिक रणनीति और अनुभव ने उन्हें इस चुनाव में महत्वपूर्ण बना दिया है।
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बांकीपुर चुनाव में बीजेपी की स्थिति


बांकीपुर चुनाव 2026: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस बार बांकीपुर विधानसभा सीट पर जीत की उम्मीदें जताई थीं। पार्टी के नेताओं ने संभावित जीत के उत्साह में 200 किलो लड्डू भी तैयार करवा लिए थे, लेकिन काउंटिंग के शुरुआती चरणों में बीजेपी पीछे चल रही है। पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर, जो जनसुराज पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, 11वें राउंड की गिनती के बाद भी बीजेपी के उम्मीदवार से आगे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन 200 किलो लड्डुओं का क्या होगा।


क्या बदल रहा है चुनावी ट्रेंड?

बांकीपुर सीट, जो बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती है, इस बार चुनावी ट्रेंड में बदलाव दिखा रहा है। पिछले कई दशकों से इस सीट पर बीजेपी का कब्जा रहा है। वर्तमान अध्यक्ष नितिन नबीन के पिता स्वर्गीय नवीन किशोर सिन्हा ने कई बार यहां जीत हासिल की थी। उनके निधन के बाद नितिन नबीन ने भी इस सीट पर कई बार चुनाव जीते हैं। अब यह सीट खाली हो गई है और मुख्य मुकाबला बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा और जनसुराज पार्टी के प्रशांत किशोर के बीच है।


प्रशांत किशोर की रणनीति का असर?

प्रशांत किशोर, जिन्हें पीके के नाम से जाना जाता है, एक प्रमुख भारतीय राजनीतिज्ञ और पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में आठ वर्षों तक काम किया और फिर भारतीय राजनीति में कदम रखा। वर्तमान में, वह बिहार में सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और सत्ता पक्ष को चुनौती दे रहे हैं।


प्रशांत किशोर का राजनीतिक अनुभव

प्रशांत किशोर ने विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ मिलकर कई सफल चुनावी अभियानों का संचालन किया है। इनमें पंजाब विधानसभा चुनाव-2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह, आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव-2019 में वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी, दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 में अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव-2021 में ममता बनर्जी और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव-2021 में एम. के. स्टालिन शामिल हैं।