बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का गंभीर आरोप: मानवाधिकारों का उल्लंघन
शेख हसीना का आरोप
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मंगलवार को आरोप लगाया कि उनके देश में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां, तलाशी अभियान और नागरिकों को प्रताड़ित करने की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार पर राजनीतिक विरोधियों को दबाने का आरोप लगाया। हसीना ने बांग्लादेश अवामी लीग द्वारा सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा, "आज का बांग्लादेश एक ऐसा देश बन गया है जहां बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां, तलाशी अभियान, यातनाएं, झूठे मुकदमे और मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।"
उन्होंने कहा कि देश में न तो कानून का शासन है, न ही लोगों के अधिकार सुरक्षित हैं और न ही आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। 2024 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद सत्ता से बेदखल की गईं हसीना ने आरोप लगाया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां गोपालगंज समेत विभिन्न क्षेत्रों में सामूहिक छापेमारी कर रही हैं।
हसीना ने कहा, "हर दिन 5,000 से 7,000 लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश के नागरिकों को उनके बुनियादी अधिकारों और कानूनी सुरक्षा की गारंटी दी जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि धांधली से हुए चुनाव के माध्यम से सत्ता में आई सरकार ने अवामी लीग का सफाया करने का अभियान शुरू कर दिया है। बीएनपी सरकार के आर्थिक प्रबंधन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि देश में गैस, बिजली, ईंधन और उर्वरकों की कमी हो रही है।
हसीना ने बताया कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है, मिलें और कारखाने बंद हो रहे हैं, और निवेश की गति धीमी पड़ गई है। बांग्लादेश में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद, 5 अगस्त, 2024 को शेख हसीना की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था।
इसके बाद, वह देश छोड़कर भारत आ गई थीं और तब से वह भारत में रह रही हैं।
