बिहार में भाजपा और जदयू के बीच विवाद सुलझा, नई नीतियों पर चर्चा
बिहार में राजनीतिक स्थिति
बिहार में एमएलसी चुनाव के बाद भाजपा और जनता दल यू के बीच जो तनाव उत्पन्न हुआ था, वह अब सुलझ गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले को सुलझाने की पहल की। दिल्ली से लौटने के बाद, उन्होंने नीतीश कुमार से मुलाकात की और एनडीए के नेताओं की एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में नदियों की सफाई और गाद निकालने की नीति पर नितिन गडकरी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ। यदि यह नीति लागू होती है, तो बिहार की बाढ़ की समस्या का समाधान संभव हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार को इस समझौते की जानकारी दी, जो इस मुद्दे पर लंबे समय से विचार कर रहे थे। इसके बाद, सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में एनडीए की बैठक हुई, जिसमें जदयू नेताओं की शिकायतें सुनी गईं। जदयू की मुख्य शिकायत यह थी कि एमएलसी चुनाव में भाजपा के नेता निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन कर रहे थे, जिससे जदयू के उम्मीदवारों को नुकसान हुआ।
जब निर्दलीय उम्मीदवार जीत गए, तो भाजपा ने उन्हें पार्टी में शामिल करने की कोशिश की, लेकिन अब इस बात से इनकार किया जा रहा है। भाजपा ने जदयू को बताया कि समस्या उनके अंदर थी, क्योंकि जदयू की सांसद लवली आनंद और उनके पति आनंद मोहन ने जदयू उम्मीदवार का विरोध किया। इसी तरह, पटना स्नातक में जदयू विधायक अनंत सिंह ने जनसुराज उम्मीदवार का समर्थन किया। जदयू ने इस गड़बड़ी को स्वीकार किया है, और भाजपा ने भी अपने कुछ नेताओं से स्पष्टीकरण मांगा है।
