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बिहार विधान परिषद चुनाव: रोहिणी आचार्या ने उठाए सवाल

बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन का अंतिम दिन नजदीक है, और इस बीच रोहिणी आचार्या ने पार्टी के निर्णय पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने गुटबाजी और वसूली के आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और रोहिणी का क्या कहना है।
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बिहार विधान परिषद चुनाव: रोहिणी आचार्या ने उठाए सवाल

बिहार विधान परिषद चुनाव की तैयारी

पटना: बिहार विधान परिषद के चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामांकन का अंतिम दिन सोमवार है। इस चुनाव में 10 सीटों के लिए एनडीए के सहयोगी दलों ने 9 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इस बीच, यह भी जानकारी मिली है कि राष्ट्रीय जनता दल ने सुनील सिंह को एक बार फिर विधान परिषद में भेजने का निर्णय लिया है।


रोहिणी आचार्या का विरोध

इस निर्णय के बाद, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू यादव की बेटी और सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुकीं रोहिणी आचार्या ने इस पर विरोध जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी की स्थापना से लेकर अब तक कई समर्पित और सम्मानित कार्यकर्ता हैं जो पार्टी के साथ खड़े रहे हैं।


गुटबाजी और वसूली पर सवाल

रोहिणी आचार्या ने आगे लिखा कि पार्टी में गुटबाजी और विश्वासघात की समस्या है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार कैसे बनाया गया है, जो पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के सामने अमर्यादित बातें करता है।


पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी

उन्होंने यह भी कहा कि क्या पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है? ऐसे लोगों के कारण पार्टी में असंतोष बढ़ रहा है, और पिछले साल नवंबर में भी इसी कारण नुकसान हुआ था।