Newzfatafatlogo

बिहार विधान परिषद चुनाव: सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए

बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनावों के परिणाम घोषित हो गए हैं, जिसमें सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। एनडीए के सभी नौ उम्मीदवारों के साथ-साथ राजद के एक उम्मीदवार ने भी जीत हासिल की। इस चुनाव में कई राजनीतिक हलचलें देखने को मिली हैं, खासकर राष्ट्रीय लोक मोर्चा को एक भी सीट नहीं मिलने पर। जानें इस चुनाव के परिणाम और इसके पीछे की राजनीति के बारे में।
 | 
बिहार विधान परिषद चुनाव: सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए

बिहार विधान परिषद के चुनाव परिणाम


बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनावों और एक उपचुनाव के नतीजे अब सामने आ चुके हैं। एनडीए के सभी नौ उम्मीदवारों के साथ-साथ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक उम्मीदवार ने भी निर्विरोध जीत हासिल की है।


गुरुवार को नाम वापसी की अवधि समाप्त होने के बाद सभी उम्मीदवारों को विजयी घोषित किया गया। विधान परिषद की विधानसभा कोटे की नौ सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव हुए, साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा छोड़ी गई एक सीट पर उपचुनाव भी हुआ।


सोमवार को कुल 10 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था, जिनमें से नौ एनडीए के थे और एक राजद का था। इस दौरान राष्ट्रीय लोक मोर्चा को एक भी सीट नहीं मिलने पर चर्चा हो रही है।


राष्ट्रीय लोक मोर्चा के मंत्री दीपक प्रकाश इस समय किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, जिससे उनके मंत्री पद पर संकट उत्पन्न हो गया है। नियमों के अनुसार, शपथ ग्रहण के छह महीने बाद किसी सदन की सदस्यता लेनी होती है।


नवनिर्वाचित एमएलसी में जदयू के निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद शामिल हैं। भाजपा से भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह, संजय प्रकाश, मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित ने भी जीत दर्ज की है। लोजपा (रामविलास) के अशरफ अंसारी और राजद के सुनील सिंह भी एमएलसी चुनाव में सफल रहे हैं।


राजद द्वारा सुनील सिंह को फिर से विधान परिषद भेजने के निर्णय के बाद पार्टी में विरोध की आवाजें उठने लगी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव और बेटी रोहिणी आचार्या ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम ने पार्टी के प्रमुख पदों से इस्तीफा दे दिया है, हालांकि पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है।