बीजेपी ने उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए आठ उम्मीदवारों की घोषणा की
बीजेपी ने उम्मीदवारों की सूची जारी की
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव की तैयारी में बीजेपी ने अपने आठ उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। जैसे ही यह सूची सामने आई, उन प्रमुख नामों पर चर्चा शुरू हो गई, जो टिकट की दौड़ में थे लेकिन अंतिम चयन में नहीं आ सके।
बीजेपी के आठ उम्मीदवार कौन हैं?
धर्मपाल सिंह: आंवला से कई बार विधायक रह चुके धर्मपाल सिंह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। वह लोधी समाज से आते हैं और प्रदेश की राजनीति में पार्टी का प्रमुख पिछड़ा चेहरा हैं।
राधाकांत ओझा: इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हैं। उनका नाम पहले भी भाजपा के संभावित उम्मीदवारों में शामिल रहा है।
प्रकाश पाल: भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
विद्यासागर सोनकर: जौनपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व लोकसभा सांसद हैं। वह पार्टी संगठन में प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।
गोपी कृष्ण पांडेय: संगठन से जुड़े लो-प्रोफाइल नेता हैं, जिन्होंने किसान मोर्चा में काम किया है।
प्रियंका सिंह रावत: बाराबंकी से 2014 में भाजपा सांसद चुनी गई थीं और वर्तमान में पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं।
राम प्रताप सिंह चौहान: आगरा की एत्मादपुर सीट से विधायक रह चुके हैं और भाजपा के प्रदेश महामंत्री हैं।
श्रुति गंगवार: बरेली से भाजपा नेत्री और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी हैं। वह अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की चेयरमैन भी हैं।
पुराने चेहरों का स्थान नए उम्मीदवारों ने लिया
भाजपा की सूची में यह स्पष्ट है कि राज्यसभा का कार्यकाल पूरा कर रहे हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल और सीमा द्विवेदी को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। डॉ. दिनेश शर्मा भी इस सूची में नहीं हैं।
इस बार भाजपा ने राज्यसभा में नए चेहरों को उतारने का निर्णय लिया है, जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का नाम सबसे चौंकाने वाला है।
सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखा गया
भाजपा की इस सूची में सामाजिक समीकरण भी स्पष्ट है। आठ उम्मीदवारों में तीन ओबीसी, दो दलित और तीन सामान्य वर्ग से हैं। ओबीसी चेहरों में लोधी, पाल और गंगवार समुदाय का प्रतिनिधित्व है, जबकि दलित वर्ग से विद्यासागर सोनकर और प्रियंका सिंह रावत को मौका मिला है।
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब यूपी में 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक है। इसलिए भाजपा की राज्यसभा सूची को संगठन, क्षेत्र और सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
मतदान की तारीख
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर को होगा, जिसमें भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।
