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बीजेपी नेता के अन्नामलाई ने गुजरात मॉडल पर उठाए सवाल

बीजेपी के पूर्व तमिलनाडु अध्यक्ष के अन्नामलाई ने पार्टी की कार्यशैली और गुजरात मॉडल पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विकास का मॉडल केवल एक राज्य तक सीमित नहीं होना चाहिए और राज्य स्तर के नेताओं को निर्णय लेने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। अन्नामलाई ने गुजरात को प्राथमिकता देने की धारणा को बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया और खेल आयोजनों के संदर्भ में भी राजनीतिक विवादों का उल्लेख किया। जानें उनके विचार और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के प्रति उनके समर्थन के बारे में।
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बीजेपी के अन्नामलाई की महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ


बीजेपी के पूर्व तमिलनाडु अध्यक्ष और 'वी द लीडर्स' आंदोलन के संस्थापक के अन्नामलाई ने पार्टी की कार्यप्रणाली और देश में बड़े प्रोजेक्ट्स के आवंटन पर कड़ी टिप्पणी की है। चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि विकास का मॉडल केवल एक राज्य तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनका इशारा विशेष रूप से गुजरात की ओर था, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का गृह राज्य होने के कारण कई बड़े निवेश और आयोजन हो रहे हैं.


दिल्ली-केंद्रित निर्णय लेने की प्रक्रिया पर सवाल

अन्नामलाई ने यह भी कहा कि बीजेपी में निर्णय लेने की प्रक्रिया धीरे-धीरे 'दिल्ली-केंद्रित' होती जा रही है। उनके अनुसार, राज्य स्तर के नेताओं को केवल संगठनात्मक जिम्मेदारी देने के बजाय उन्हें निर्णय लेने और उन्हें लागू करने की स्वतंत्रता भी मिलनी चाहिए। उन्होंने इसे पार्टी को मजबूत करने के लिए आवश्यक बताया। अन्नामलाई ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं को अधिकार मिलने से राज्यों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार बेहतर निर्णय लिए जा सकेंगे.


'गुजरात मॉडल' पर सीधा हमला

अन्नामलाई ने कहा कि दिल्ली से होने वाले विकास के निर्णयों में गुजरात को प्राथमिकता देने की धारणा को बदलना चाहिए। उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या सभी AI कंपनियां, सेमीकंडक्टर और वेफर निर्माण परियोजनाएं केवल गुजरात में ही जाएंगी। उन्होंने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स, 2030 वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स और 2036 ओलंपिक जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, देश के विकास का अर्थ यह नहीं हो सकता कि बड़े अवसर लगातार एक ही राज्य में केंद्रित रहें.


गुजरात की बढ़ती भूमिका

अन्नामलाई की टिप्पणियाँ ऐसे समय में आई हैं जब गुजरात देश के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोन और सीजी पावर जैसी कंपनियों की परियोजनाओं ने राज्य की भूमिका को बढ़ाया है। इससे पहले वेदांता-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर परियोजना को गुजरात ले जाने को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक विवाद हुआ था। टाटा-एयरबस के विमान निर्माण प्रोजेक्ट को लेकर भी इसी तरह की राजनीतिक बहस देखने को मिली थी.


खेल आयोजनों पर राजनीतिक विवाद

गुजरात को बड़े खेल आयोजनों की मेज़बानी मिलने पर भी राजनीतिक सवाल उठते रहे हैं। 2025 में IPL फाइनल को कोलकाता के ईडन गार्डन्स से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्थानांतरित किया गया था, जिसके बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुए। अहमदाबाद को 2029 वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी मिलनी है। भारत के 2036 ओलंपिक अभियान में भी अहमदाबाद को प्रस्तावित मेज़बान शहर के रूप में रखा गया है.


मुख्यमंत्री विजय को एक साल देने की अपील

कार्यक्रम में अन्नामलाई ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि नई सरकार को खुद को स्थापित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। अन्नामलाई ने शुरुआती 100 दिनों में उन्हें भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने की इच्छा रखने वाला नेता बताया और कम से कम एक साल तक सरकार चलाने की स्वतंत्रता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि फिलहाल विजय को उनका समर्थन है और एक तमिल नागरिक के रूप में वह सरकार को काम करने का अवसर देना चाहते हैं.