ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का समापन: वैश्विक विकास और सहयोग पर चर्चा
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का अंतिम दिन
नई दिल्ली: 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आज, 13 सितंबर को अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। इस दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन, ब्रिक्स देशों के नेता एक खुले सत्र में भाग लेंगे। इस दौरान वैश्विक विकास, आपसी सहयोग और विभिन्न चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। भारत ने इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता के तहत लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता को प्राथमिकता दी है।
पहले दिन की चर्चा
पहले दिन, शनिवार को, ब्रिक्स नेताओं ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर चर्चा की और एक संयुक्त घोषणापत्र को सर्वसम्मति से स्वीकार किया। हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान के बीच मतभेदों के बावजूद, सदस्य देशों ने एक साझा दृष्टिकोण अपनाया।
घोषणापत्र में ईरान पर अमेरिका के हमलों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। नई दिल्ली में, नेताओं ने संघर्ष समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैश्विक व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए सहयोग करने की बात की।
खुले सत्र का विषय
अंतिम सत्र में फोकस
रविवार को होने वाला खुला सत्र नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा। इसका विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता: समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य का निर्माण' रखा गया है। इस बैठक में इन चार प्रमुख क्षेत्रों के माध्यम से सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और वैश्विक विकास को अधिक समावेशी बनाने पर चर्चा की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय बैठकें
नेताओं से मुलाकात
शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 2:30 बजे कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट टोकायेव, 3 बजे फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर और 3:30 बजे मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी से मुलाकात होगी।
इसके बाद, शाम 4:10 बजे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, 4:40 बजे बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरेस्ट नदाइशिमिये और 5:10 बजे नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टीमा के साथ बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद मोदी की युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो के साथ भी बैठक होगी। इन मुलाकातों में द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।
ब्रिक्स का विस्तार
ब्रिक्स का बढ़ता दायरा
ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका इसके मूल सदस्य हैं। 2024 में समूह का विस्तार हुआ, जिसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब शामिल हुए। इंडोनेशिया 2025 में सदस्य बना। पिछले वर्ष, बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम को भागीदार देशों का दर्जा मिला।
