Newzfatafatlogo

ब्रिक्स समिट के दौरान शी जिनपिंग की स्वास्थ्य अफवाहों का सच

ब्रिक्स समिट के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की स्वास्थ्य को लेकर कई अफवाहें फैलीं, जिसमें कहा गया कि वह बीमार हो गए थे। भारत सरकार ने इन दावों को खारिज करते हुए बताया कि यह सब गलत जानकारी थी। प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत ने इस मामले को और भी दिलचस्प बना दिया। जानें इस घटना की सच्चाई और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बारे में।
 | 

ब्रिक्स समिट में फैली अफवाहें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्षमताओं को कई लोग स्वीकार नहीं कर पाते, जिसके चलते विभिन्न प्रकार की साजिशें और अफवाहें फैलाई जाती हैं। हाल ही में ब्रिक्स समिट के संदर्भ में एक बड़ी अफवाह उड़ी थी, जिसमें कहा गया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समिट के बाद बीमार पड़ गए। हालांकि, भारत सरकार ने इस मामले की सच्चाई स्पष्ट की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि ब्रिक्स समिट के कारण कोई भी बीमार नहीं हुआ। दरअसल, एक वीडियो को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था, जिसमें दिखाया गया कि शी जिनपिंग के ईयरपीस में कुछ तकनीकी समस्या आ गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे पूछा, "क्या सब ठीक है?" इसके बाद शी जिनपिंग का ईयरपीस बदल दिया गया और सब कुछ सामान्य हो गया। उन्होंने समिट में भाग लिया और सुरक्षित चीन लौट गए।


फर्जी खबरों का खुलासा

सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि शी जिनपिंग दिल्ली में बीमार हो गए थे और उन्हें विशेष विमान से चीन लौटना पड़ा। बीजिंग पहुंचते ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन यह सब झूठी खबर थी। इसी तरह, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के स्वास्थ्य को लेकर भी गलत जानकारी फैलाई गई थी। कहा गया कि वह ब्रिक्स समिट से लौटने के बाद इतने बीमार हो गए कि किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं दिखे। जब अफवाहें बढ़ने लगीं, तो दक्षिण अफ्रीका ने इन दावों को खारिज कर दिया।


मोदी और शी की बातचीत

मोदी और शी के बीच हुई संक्षिप्त बातचीत ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। एक वीडियो में मोदी, शी से पूछते हुए नजर आए, "क्या सब ठीक है?" इस क्लिप के बाद ऑनलाइन अटकलें लगने लगीं कि इस टिप्पणी का क्या अर्थ था। हाल ही में जारी 'रूसिया 1' के फुटेज में यह भी दिखाया गया कि शी अपने ट्रांसलेशन ईयरपीस को ठीक कर रहे थे।


सोशल मीडिया पर चर्चा