ब्रिक्स समिट में जिनपिंग की तबीयत पर उठे सवाल, अस्पताल में भर्ती होने की खबरें
ब्रिक्स समिट के दौरान जिनपिंग की तबीयत पर चर्चा
ब्रिक्स समिट के दौरान भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हंसते हुए नजर आए। इस दौरान, उन्होंने अचानक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर देखा और उनके अनुवादक से पूछा, "क्या यह ठीक है?" यह सवाल दो बार पूछा गया, और कैमरे ने शी के चेहरे की प्रतिक्रिया कैद की। इसके बाद खबर आई कि जिनपिंग गाला डिनर में भी शामिल नहीं हुए। लौटते ही उनकी तबीयत बिगड़ने की खबरें आने लगीं। क्या वास्तव में ब्रिक्स समिट के दौरान उनकी सेहत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें मेडिकल सहायता की आवश्यकता पड़ी? चीनी लोकतंत्र पार्टी के चेयरमैन जी वांजून ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि जिनपिंग को भारत से लौटते ही बीजिंग एयरपोर्ट से सीधे सैन्य हेलीकॉप्टर द्वारा 301 हॉस्पिटल ले जाया गया।
मोदी के भाषण के दौरान जिनपिंग की असहजता
ब्रिक्स समिट के दौरान जिनपिंग की एक तस्वीर और वीडियो ने काफी ध्यान आकर्षित किया। जब प्रधानमंत्री मोदी भाषण दे रहे थे, तब उनकी नजर अचानक जिनपिंग पर पड़ी। मोदी ने कुछ समय के लिए अपना भाषण रोका और अनुवादक से पूछा, "क्या यह ठीक है?" जिनपिंग उस समय असहज नजर आ रहे थे, उनकी आंखें बंद थीं और चेहरा तनाव में था। मोदी के सवाल के बाद, जिनपिंग ने सिर हिलाकर संकेत दिया और कार्यक्रम आगे बढ़ा। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ा दावा सामने आया। वांजुन ने कहा कि ब्रिक्स समिट के दौरान जिनपिंग की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उन्हें मेडिकल टीम की मदद लेनी पड़ी।
बीजिंग लौटने के बाद की स्थिति
वानजुन का दावा यहीं खत्म नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जिनपिंग को बीजिंग लौटने के बाद सीधे सैन्य हेलीकॉप्टर से 301 हॉस्पिटल ले जाया गया। यदि वांजुन के दावे को सही माना जाए, तो यह केवल थकान का मामला नहीं था, बल्कि जिनपिंग की तबीयत को लेकर स्थिति गंभीर हो गई थी। 301 हॉस्पिटल चीन की सैन्य चिकित्सा व्यवस्था से जुड़ा एक प्रमुख अस्पताल है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि जिनपिंग वास्तव में वहां गए थे, तो उनकी तबीयत कितनी खराब थी? क्या ब्रिक्स समिट के दौरान उनकी असहजता इसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत थी? क्या गाला डिनर से उनकी अनुपस्थिति भी इसी कारण थी?
एयरपोर्ट पर औपचारिक स्वागत की कमी
वानजुन ने यह भी कहा कि जिनपिंग के बीजिंग लौटने पर एयरपोर्ट पर सामान्य तौर पर होने वाला औपचारिक स्वागत नहीं हुआ। उनके अनुसार, एयरपोर्ट पर अधिकारियों की संख्या कम थी और कोई बड़ा स्वागत कार्यक्रम नहीं था। इसके बाद, उन्होंने दावा किया कि जिनपिंग को एयरपोर्ट से सीधे अस्पताल ले जाया गया। यह मामला केवल जिनपिंग की सेहत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चीन की आंतरिक राजनीति से भी जुड़ता है।
