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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दिया इस्तीफा, पार्टी में असंतोष का बढ़ा दबाव

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने इस्तीफे की घोषणा की है, जिससे लेबर पार्टी में असंतोष की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि वह अगले चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उनके इस्तीफे का समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ब्रेक्जिट के ऐतिहासिक फैसले की दसवीं वर्षगांठ के आसपास आया है। जानें उनके इस्तीफे के पीछे के कारण, पार्टी के भीतर की स्थिति और नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया के बारे में।
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दिया इस्तीफा, पार्टी में असंतोष का बढ़ा दबाव

कीर स्टार्मर का इस्तीफा

ब्रिटेन के 63 वर्षीय प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अंततः सभी अटकलों को समाप्त करते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने लेबर पार्टी के नेता के पद से भी इस्तीफा देने का निर्णय लिया। यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि वह पिछले 10 वर्षों में ऐसे छठे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पद छोड़ा है। 10 डाउनिंग स्ट्रीट से बोलते हुए, स्टार्मर ने कहा कि उन्हें लगता है कि वह अगले चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उन्होंने देश के हित को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया। भावुक होते हुए, उन्होंने कहा कि पीएम बनने का अनुभव उनके लिए गर्व का पल था। 2024 में, उन्होंने लेबर पार्टी को शानदार जीत दिलाई थी, लेकिन अब उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पार्टी में उनके नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा था।


पद छोड़ने का दबाव

स्टार्मर की लोकप्रियता में लगातार गिरावट आई है। कई विवादों, नीतिगत बदलावों और जीवन स्तर में सुधार के वादों को पूरा न कर पाने के कारण उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी दूत पीटर मैडेलसन का नाम एपस्टीन फाइल्स में आने से भी उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। प्रवासी विरोधी रुख वाली रिफॉर्म यूके ने जनमत सर्वेक्षणों में बढ़त हासिल की है।


शुरुआती 100 दिन

स्टार्मर की सरकार के शुरुआती 100 दिनों में ही समस्याएं शुरू हो गईं। उन पर और उनके मंत्रियों पर महंगे फुटबॉल मैच और कॉन्सर्ट के टिकट लेने के आरोप लगे। इस विवाद ने उनकी लोकप्रियता को प्रभावित किया। हालांकि उन्होंने तोहफों का खर्च वापस कर दिया और चंदे के लिए कड़े नियम लागू किए, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। पद संभालने के दो महीने के भीतर, 43% वोटर उन्हें एक बुरा प्रधानमंत्री मानने लगे थे।


नया पीएम कब चुना जाएगा?

स्टार्मर ने कहा कि वह तब तक पद पर बने रहेंगे जब तक लेबर पार्टी का नया नेता और पीएम नहीं चुना जाता। लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया तय करेगी। नामांकन प्रक्रिया 9 जुलाई से शुरू होगी और 17 जुलाई से पहले नए नेता का चुनाव करने की कोशिश की जाएगी।


ब्रेक्जिट का प्रभाव

स्टार्मर का इस्तीफा उस समय आया है जब ब्रिटेन ब्रेक्जिट के ऐतिहासिक फैसले की दसवीं वर्षगांठ मना रहा है। एक दशक बाद, ब्रिटेन की जनता का मूड पूरी तरह बदल चुका है। पहले, ब्रेक्जिट समर्थकों ने संप्रभुता, प्रवासियों पर नियंत्रण और आर्थिक समृद्धि के लिए वोट किया था, लेकिन अब 57% ब्रिटिश नागरिक मानते हैं कि यह निर्णय एक बड़ी भूल थी।


विदेश नीति में सफलताएँ

हालांकि घरेलू मोर्चे पर उनकी नाकामियाँ थीं, लेकिन विदेश नीति में उन्होंने कुछ सफलताएँ हासिल कीं। उन्होंने अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए और भारत के साथ एक बड़ा व्यापार समझौता किया। लेकिन उनके कार्यकाल में बार-बार इस्तीफे और नीतियों में बदलाव ने उनकी स्थिति को कमजोर किया।