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भाजपा MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने शिक्षकों को धमकाने के खिलाफ उठाई आवाज

भाजपा MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश में शिक्षकों को धमकाने के खिलाफ बगावती रुख अपनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला विद्यालय निरीक्षक शिक्षकों को डराकर वोट हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। देवेंद्र ने चुनाव आयोग से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है, यह कहते हुए कि लोकतंत्र में इस तरह की धमकियों को सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए खड़े हों और 23 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में अपने वोट का सही इस्तेमाल करें।
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भाजपा MLC का बगावती बयान

लखनऊ। भाजपा के MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को एक बार फिर बगावती रुख अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में शिक्षकों को डराकर MLC चुनाव में वोट हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि आजमगढ़ के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) वित्तविहीन स्कूलों के प्रबंधकों को मान्यता समाप्त करने की धमकी दे रहे हैं। मऊ में भी DIOS और अल्पसंख्यक अधिकारी स्कूलों और मदरसों में जाकर शिक्षकों को धमका रहे हैं। बलिया में भी इसी तरह के पत्र जारी होने का आरोप लगाया गया है। देवेंद्र प्रताप सिंह ने चुनाव आयोग से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में इस प्रकार की धमकियों को सहन नहीं किया जा सकता।




गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने 19 अक्टूबर को शिक्षकों के नाम एक पत्र लिखा था। उन्होंने 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव में अन्याय और अपमान के खिलाफ वोट देने की अपील की थी। 12 अक्टूबर को गोरखपुर में शिक्षक सम्मेलन के मंच से उतारे जाने के बाद से वे आहत हैं। उनकी सपा में शामिल हो चुके गोरखपुर के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के साथ तस्वीर भी सामने आई थी।


शिक्षकों को डरने की आवश्यकता नहीं

देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में कई शिक्षक बेवजह उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। आज सुबह उन्हें सूचना मिली कि आजमगढ़ के जिला विद्यालय निरीक्षक वित्तविहीन स्कूलों के प्रबंधकों को पत्र जारी कर मान्यता खत्म करने की धमकी दे रहे हैं, ताकि उनसे वोट हासिल किए जा सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि मऊ के जिला विद्यालय निरीक्षक और अल्पसंख्यक अधिकारी भी स्कूलों और मदरसों में जाकर शिक्षकों को धमका रहे हैं। बलिया के जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से भी ऐसा ही पत्र जारी किया गया है।


देवेंद्र प्रताप सिंह ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए भारत निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होने चाहिए। लोकतंत्र में इस तरह की धमकियां स्वीकार नहीं की जा सकतीं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि जो लोग उन्हें धमका रहे हैं और उनके सम्मान को ठेस पहुंचा रहे हैं, उन्हें जवाब दें। 23 तारीख को अपना नेतृत्व चुनें और अपने अधिकारों के लिए मजबूती से खड़े हों।


देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मतदान आपका अधिकार है, इसलिए डरने की जरूरत नहीं है। मैं आपके साथ खड़ा हूं। किसी भी कीमत पर शिक्षकों को धमकाया जाना बर्दाश्त नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक किसी भी गुट में हों, उनके हित, प्रतिभाशाली युवाओं और प्रतियोगी छात्रों के हित उनकी प्राथमिकता हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपने संघर्ष को आगे बढ़ाने और 23 तारीख को मजबूत जनादेश देने की अपील की।