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भाजपा और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच का विवाद: क्या है असली कहानी?

भारतीय जनता पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच चल रहे विवाद ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। भाजपा के नेताओं का कहना है कि सीजेपी के मुद्दों से उन्हें कोई चिंता नहीं है, जबकि सीजेपी के समर्थक इसे भाजपा का फ्रंट मानते हैं। जंतर मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन को मिली मंजूरी और सोशल मीडिया पर सीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है। जानें इस मुद्दे की पूरी कहानी और भाजपा का युवा वोटर्स पर क्या विश्वास है।
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भाजपा और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच का विवाद: क्या है असली कहानी?

भाजपा का रुख और सीजेपी का प्रदर्शन


हाल ही में, भारतीय जनता पार्टी के कुछ सदस्यों ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पर हमला किया, जबकि कुमार विश्वास जैसे व्यक्तियों ने इसे खत्म करने की बात की। हालांकि, भाजपा इस मुद्दे को दबाने का कोई प्रयास नहीं कर रही है। वर्तमान में ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा इस पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी। सीजेपी का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खाता सरकार के निर्देश पर बंद किया गया था, लेकिन भाजपा के नेताओं का कहना है कि अगर रोकना होता, तो इंस्टाग्राम पर भी कार्रवाई की जाती, जहां सीजेपी के फॉलोअर्स की संख्या अधिक है। जब एक्स पर खाता बंद हुआ, तब सीजेपी के पास छह लाख फॉलोअर्स थे, जबकि इंस्टाग्राम पर उनकी संख्या दो करोड़ से अधिक थी, जो अब बढ़कर 2.27 करोड़ हो गई है। इसके अलावा, सीजेपी ने एक्स पर एक नया खाता भी बनाया है जो सक्रिय है।


जंतर मंतर पर प्रदर्शन की मंजूरी

भाजपा के नेताओं का कहना है कि जंतर मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के लिए तेजी से मंजूरी दी गई। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपक ने 6 जून को अमेरिका से दिल्ली लौटने के बाद दिल्ली पुलिस के पास प्रदर्शन का आवेदन दिया, जिसे तुरंत मंजूरी मिल गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी अन्य के आवेदन पर मंजूरी नहीं दी जा सकती थी, क्योंकि प्रदर्शन के आयोजकों को कई जिम्मेदारियों का ध्यान रखना होता है। पुलिस ने यह भी कहा कि उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित किया। भाजपा के नेता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सीजेपी द्वारा उठाए गए मुद्दों से भाजपा के खिलाफ माहौल बन रहा है, फिर भी भाजपा इसे रोकने का प्रयास नहीं कर रही है।


भाजपा नेताओं की मीडिया से बातचीत

भाजपा के कई नेताओं ने मीडिया के साथ अनौपचारिक बातचीत में इस मुद्दे को उठाया है। नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने मीडिया से मुलाकात की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पारंपरिक और सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स के साथ बातचीत की। पिछले साल भी अमित शाह ने सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स से मुलाकात की थी। इस बार की मुलाकात में आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय और अन्य नेता भी शामिल थे। बातचीत के दौरान सीजेपी के बारे में चर्चा हुई, जिसमें भाजपा नेताओं ने कहा कि सीजेपी से कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को समस्या हो सकती है, लेकिन भाजपा को कोई चिंता नहीं है। हालांकि, कांग्रेस और अन्य दल सीजेपी को भाजपा का फ्रंट मानते हैं, लेकिन भाजपा नेता इससे इनकार कर रहे हैं।


भाजपा का युवा वोटर्स पर विश्वास

भाजपा के नेता यह मानने को तैयार नहीं हैं कि सीजेपी की गतिविधियों से युवा भाजपा का साथ छोड़ देंगे। उनका कहना है कि युवाओं और छात्रों की कुछ शिकायतें हैं, जो उचित हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे भाजपा को छोड़कर कांग्रेस को वोट देंगे। भाजपा का मानना है कि विपक्ष इस नाराजगी का लाभ उठाने की स्थिति में नहीं है।