भाजपा की नई रणनीति: हल्दवानी घटना पर मल्लिकार्जुन खड़गे का जवाब
भाजपा का बदलता रुख
भारतीय जनता पार्टी ने हल्दवानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुई घटना पर अपने दृष्टिकोण में बदलाव किया है। पहले भाजपा ने इस घटना की आलोचना की थी, जब खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि सभा के बाद उस स्थान का शुद्धिकरण किया गया, जिसे उन्होंने दलितों का अपमान बताया। उस समय सदन के नेता जेपी नड्डा ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी थी और कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेकिन अब भाजपा ने इसे सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि सभा में सांप्रदायिक नारे लगाए गए थे, इसलिए शुद्धिकरण किया गया। भाजपा के नेताओं ने आरोप लगाया कि सभा में अल्लाहू अकबर के नारे गूंज रहे थे, जबकि यह रामलीला मैदान है। इस बात की पुष्टि भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने भी की।
खड़गे की चिट्ठी और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
अब खड़गे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि इस घटना को 24 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इसके विपरीत, जब राहुल गांधी ने खड़गे के अपमान का मुद्दा उठाया, तो उत्तराखंड में उनके खिलाफ एससी, एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दिया गया। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी एफआईआर दर्ज कराने के लिए उत्तराखंड जा सकते हैं।
कांग्रेस ने 7 सितंबर को प्रदर्शन का भी ऐलान किया है। दूसरी ओर, भाजपा को लगता है कि उत्तराखंड में लगभग 60 प्रतिशत ठाकुर और ब्राह्मण वोट हैं, जो पूरी तरह से भाजपा के साथ रहेंगे। इसलिए दलित वोट की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उल्लेखनीय है कि राज्य में दलित 20 प्रतिशत और मुस्लिम 15 प्रतिशत हैं। यदि दलित और मुस्लिम पिछड़ों के साथ मिलते हैं और कुछ क्षेत्रों में ब्राह्मण भाजपा का साथ छोड़ते हैं, तो भाजपा को कठिनाई हो सकती है।
