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भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची पर चर्चा, कई दावेदार रह गए बाहर

भाजपा ने राज्यसभा के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिसमें कई प्रमुख दावेदारों को टिकट नहीं मिला। इस बार श्रुति गंगवार का नाम चर्चा में है, जबकि कवि कुमार विश्वास और अन्य नए महामंत्रियों को बाहर रखा गया है। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की कहानी और कौन-कौन से नेता रह गए हैं बाहर।
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राज्यसभा के लिए भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा

भाजपा ने जब आठ राज्यसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की, तो उन लोगों की चर्चा अधिक हुई जिन्हें टिकट नहीं मिला। जिनको टिकट दिया गया, उनमें से कई की राजनीतिक पहचान सीमित है, और कुछ के बारे में तो भाजपा के अपने सदस्यों को भी जानकारी नहीं थी। इसके विपरीत, जिनके बारे में जानकारी उपलब्ध थी, उन्हें टिकट नहीं दिया गया। इस बार श्रुति गंगवार का नाम सबसे अधिक चर्चा में रहा, जिनके पिता झारखंड के राज्यपाल हैं। भाजपा में यह मान्यता है कि एक परिवार में दो पद नहीं दिए जाते।


इस बार कवि कुमार विश्वास भी राज्यसभा जाने से चूक गए। उनका नाम इस बार संभावित उम्मीदवारों में शामिल था, लेकिन पिछले कई वर्षों से उनकी उम्मीदवारी चर्चा में रही है। इस बार कहा जा रहा था कि चुनाव नजदीक हैं और उनकी मेहनत भी काफी है, इसलिए उन्हें मौका मिल सकता है। नए महामंत्रियों हरीश द्विवेदी और स्मृति ईरानी का नाम भी चर्चा में था, लेकिन उन्हें भी टिकट नहीं मिला। कहा जा रहा है कि दोनों को 2029 के लोकसभा चुनाव में उतारा जा सकता है।


भाजपा के दिग्गज नेताओं जैसे अरुण सिंह और नीरज शेखर का टिकट कटना भी एक महत्वपूर्ण घटना है। उनकी जगह जिन राम प्रताप सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाया गया है, उनकी पहचान स्पष्ट नहीं है। हालांकि, यह बताया जा रहा है कि वे राजनाथ सिंह के करीबी हैं। इसी तरह, कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह को भी टिकट नहीं मिला। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने यह सुनिश्चित किया कि सोशल मीडिया पर जो भी संभावित सूची दिखाई गई, उनमें से किसी को भी राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा।