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भाजपा को झटका: पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने पार्टी छोड़ी, सपा में शामिल होने की संभावना

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को एक और झटका लगा है। पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने पार्टी छोड़कर सपा में शामिल होने की संभावना जताई है। उन्होंने फेसबुक पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने 11 वर्षों की सेवा के बाद सम्मान और विश्वास टूटने की बात कही। कुशाग्र का यह कदम बिसौली सीट पर राजनीतिक हलचल को बढ़ा सकता है। जानें उनके इस्तीफे के पीछे की वजहें और राजनीतिक पृष्ठभूमि।
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बदायूं में भाजपा को एक और झटका

बदायूं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को लगातार झटके मिल रहे हैं। हाल ही में आंवला से पूर्व सांसद धर्मेन्द्र कश्यप ने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने का निर्णय लिया। अब बदायूं की बिसौली विधानसभा सीट से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने भी भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने फेसबुक पर पार्टी की नीतियों के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की है। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कुशाग्र जल्द ही सपा में शामिल हो सकते हैं।


कुशाग्र सागर की भावुक पोस्ट

कुशाग्र सागर ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने 11 वर्षों तक भाजपा को अपना परिवार समझकर सेवा की। उन्होंने कहा कि किसी संगठन के साथ इतने लंबे समय तक जुड़े रहना केवल राजनीतिक जुड़ाव नहीं, बल्कि एक भावनात्मक संबंध होता है। उन्होंने व्यक्तिगत कठिनाइयों के बावजूद संगठन के प्रति अपनी निष्ठा दिखाई। कुशाग्र ने यह भी कहा कि उनका दर्द पद या प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि सम्मान और विश्वास टूटने का है। जब उन्हें 11 साल की मेहनत के बाद भी अपनापन नहीं मिला, तो यह उनके लिए एक ठेस थी। उन्होंने इसे आत्मसम्मान की नई शुरुआत बताया।


नाराजगी के कारण

कुशाग्र सागर लंबे समय से वर्तमान विधायक आशुतोष मौर्य को भाजपा में प्राथमिकता दिए जाने से नाराज थे। आशुतोष मौर्य, जो सपा से विधायक हैं, राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद भाजपा की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। उनकी पत्नी और बहन ने हाल ही में भाजपा ज्वाइन की, जिससे कुशाग्र के खेमे में असंतोष बढ़ गया।


राजनीतिक पृष्ठभूमि

कुशाग्र सागर एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता योगेंद्र कुमार सागर भी विधायक रह चुके हैं। कुशाग्र ने 2017 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और 1,00,287 वोट प्राप्त कर 10,688 वोटों से जीत हासिल की। हालांकि, 2022 में उन्हें केवल 1,834 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा।


सपा में शामिल होने की संभावना

कुशाग्र सागर के सपा में शामिल होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो बिसौली सीट पर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल सकता है। आशुतोष मौर्य का भाजपा में जाना और कुशाग्र का सपा में शामिल होना, दोनों ही घटनाएं महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, अभी तक सपा में शामिल होने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।