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भाजपा ने उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनावों के लिए नए उम्मीदवारों की घोषणा की

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनावों के लिए अपने नए उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इस बार सभी नए चेहरे शामिल हैं, जिसमें दो महिलाएं और विभिन्न जातियों के प्रतिनिधि हैं। केंद्रीय मंत्रियों हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को टिकट नहीं दिया गया है, जिससे उनकी केंद्रीय मंत्रिमंडल में विदाई की संभावना बढ़ गई है। भाजपा ने सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है। जानें और क्या खास है इस चुनाव में।
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भाजपा का नया प्रत्याशी चयन


नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के लिए राज्यसभा चुनावों में अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की। सभी पूर्व सांसदों की जगह नए चेहरों को मौका दिया गया है, जिसमें आठ नए प्रत्याशी शामिल हैं। केंद्रीय मंत्रियों हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को इस बार टिकट नहीं दिया गया है, जिससे उनकी केंद्रीय मंत्रिमंडल में विदाई की संभावना बढ़ गई है। भाजपा ने झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार को भी उम्मीदवार बनाया है।


भाजपा की इस नई सूची में सभी नए चेहरे हैं, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। इसमें दो दलित, तीन पिछड़ी जाति के और तीन सवर्ण उम्मीदवार हैं। पार्टी ने दो ब्राह्मणों को टिकट दिया है, जबकि रिटायर हो रहे दो राजपूत सांसदों में से केवल एक को ही टिकट मिला है। अरुण सिंह और नीरज शेखर इस बार रिटायर हो रहे हैं।


उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तैयारी के मद्देनजर भाजपा ने सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखा है। तीन टिकट पिछड़ी जातियों के लिए हैं, जिनमें एक लोधी, एक कुर्मी और एक पाल समाज से हैं। दलित वर्ग में एक खटीक और एक पासी समाज से हैं। सवर्णों में दो ब्राह्मण और एक ठाकुर शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, रिटायर हो रहे सांसदों में से कुछ को विधानसभा चुनाव में उतारा जा सकता है।


इससे पहले समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवारों राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी ने 30 सितंबर को नामांकन दाखिल किया था। यदि सपा तीसरे और भाजपा नौंवे उम्मीदवार को नहीं उतारती है, तो चुनाव में सपा के दो और भाजपा के आठ उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन संभव है। मंगलवार को नामांकन का अंतिम दिन है। भाजपा के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, नीरज शेखर, सीमा द्विवेदी, बृजलाल, गीता शाक्य, अरुण सिंह और सपा के रामगोपाल यादव, बसपा के रामजी गौतम का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है।