भारत और अमेरिका के बीच टेलीफोनिक वार्ता: पीएम मोदी और उपराष्ट्रपति वेंस ने की महत्वपूर्ण चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और जेडी वेंस के बीच संवाद
नई दिल्ली: शनिवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच एक महत्वपूर्ण टेलीफोन वार्ता हुई। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर विचार किया। द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस को उनके बेटे के जन्म पर बधाई दी और उनके परिवार के लिए शुभकामनाएं भेजीं। पीएम मोदी ने इस संवाद की जानकारी X पर साझा करते हुए दोनों देशों के बीच के मजबूत संबंधों को उजागर किया।
Received a phone call from US Vice President JD Vance. We discussed ways to further deepen India-US Comprehensive Global Strategic Partnership across key areas.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 8, 2026
Warmly congratulated him and the Second Lady on the birth of their son and conveyed best wishes to the entire family.…
द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर ध्यान
अमेरिकी सीनेट द्वारा पारित रूस प्रतिबंध विधेयक में रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। यदि यह लागू होता है, तो भारत समेत कई देशों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। भारत ने हमेशा रूसी कच्चे तेल का आयात किया है। इन चुनौतियों के बावजूद, दोनों देश एक लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं।
रणनीतिक साझेदारी का विस्तार
व्यापारिक मुद्दों के अलावा, भारत और अमेरिका के बीच रक्षा उत्पादन, ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, महत्वपूर्ण खनिजों और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ता जा रहा है। वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच बढ़ती व्यापारिक प्राथमिकताओं और वैश्विक रणनीतिक स्थिति को देखते हुए, पीएम मोदी और उपराष्ट्रपति वेंस की यह चर्चा दोनों देशों के संबंधों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती पर बातचीत
यह टेलीफोनिक संवाद ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच कई नीतियों और प्रस्तावित कानूनों पर चर्चा चल रही है। अमेरिकी कांग्रेसमैन राइली मूर ने आरोप लगाया था कि NGO, ट्रस्ट और धार्मिक संगठनों को मिलने वाले विदेशी चंदे से जुड़े नियमों में बदलाव से सरकारी हस्तक्षेप बढ़ सकता है। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह विधायी मामला भारत का आंतरिक विषय है और विदेशी फंडिंग को विनियमित करने के लिए पारदर्शी नियम आवश्यक हैं। पीएम मोदी ने X पर इस संवाद की जानकारी साझा करते हुए भारत और अमेरिका के मजबूत संबंधों को फिर से रेखांकित किया।
