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भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापार को दोगुना करने की योजना

भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने द्विपक्षीय व्यापार को अगले तीन वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने खनन, फार्मास्यूटिकल्स और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया। उज्बेकिस्तान के मंत्री ने भारतीय निवेश को आमंत्रित किया है, विशेषकर स्टील और स्वास्थ्य सेवा में। जानें इस व्यापारिक संबंध के विस्तार की पूरी कहानी।
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भारत-उज्बेकिस्तान व्यापार संबंधों का विकास

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी दी है कि भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने द्विपक्षीय व्यापार को अगले तीन वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने खनन, फार्मास्यूटिकल्स और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया। गोयल ने भारत-उज्बेकिस्तान व्यापार मंच के दौरान बताया कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच लगभग 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का व्यापार हो रहा है, जिसे बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं।


व्यापार को बढ़ावा देने की अपील

मंत्री ने दोनों देशों के व्यवसायों से एक-दूसरे की अर्थव्यवस्थाओं में निवेश करने की अपील की। उन्होंने भारत की आईटी, कुशल कार्यबल और डिजिटल बुनियादी ढांचे की ताकत का उल्लेख किया, जबकि उज्बेकिस्तान खनन और कपास उत्पादन में अपनी क्षमता को उजागर करता है। गोयल ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत करने के विचार को भी सकारात्मक कदम बताया।


उज्बेकिस्तान से निवेश का निमंत्रण

उज्बेकिस्तान के निवेश, उद्योग और व्यापार मंत्री लाज़िज़ कुदरतोव ने भी व्यापार को बढ़ाने की आवश्यकता पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यापार मात्रा क्षमता से कम है और सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता है। कुदरतोव ने विशेष रूप से स्टील, फार्मा, स्वास्थ्य सेवा, खनन और ऑटो क्षेत्रों में भारतीय निवेश का स्वागत किया। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में लगभग 400 भारतीय कंपनियां उज्बेकिस्तान में कार्यरत हैं।